Puzzle World

Collection of images puzzle, picture puzzle/riddle, math puzzle/riddles, word puzzle/paheliyan, puzzle/Riddles for kids, puzzle/Riddles for everyone riddles, paheli with answers answer, new puzzle/paheliyan/Riddles of the year/month. Kids Special puzzle/Riddles/Paheli. Hidden word paheliyan. Hidden word puzzles, hidden word riddles

Social Media

Monday, May 10, 2021

Intresting stories of Akbar and Birbal, ( अकबर और बीरबल की मजेदार कहानियां)

Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Paheliyan with Answer, Hindi Paheli, math riddles,fruit riddles, math paheli with Answer, math paheli, whatsapp paheli, whatsapp, riddles.


सबसे बड़ा हथियार  ★★★ बादशाह अकबर और बीरबल के बीच कभी-कभी ऐसी बातें भी हुआ करती थीं जिनकी परख करने में जान का खतरा रहता था। एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा- 'बीरबल, संसार में सबसे बड़ा हथियार कौन-सा है?'  'बादशाह सलामत! संसार में सबसे बड़ा हथियार है आत्मविश्वास।' बीरबल ने जवाब दिया।,

Story #1

सबसे बड़ा हथियार

★★★ बादशाह अकबर और बीरबल के बीच कभी-कभी ऐसी बातें भी हुआ करती थीं जिनकी परख करने में जान का खतरा रहता था। एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा- 'बीरबल, संसार में सबसे बड़ा हथियार कौन-सा है?'
'बादशाह सलामत! संसार में सबसे बड़ा हथियार है आत्मविश्वास।' बीरबल ने जवाब दिया।

बादशाह अकबर ने बीरबल की इस बात को सुनकर अपने दिल में रख लिया और किसी समय इसकी परख करने का निश्चय किया।
दैवयोग से एक दिन एक हाथी पागल हो गया। ऐसे में हाथी को जंजीरों में जकड़ कर रखा जाता था।

बादशाह अकबर ने बीरबल के आत्मविश्वास की परख करने के लिए उधर तो बीरबल को बुलवा भेजा और इधर हाथी के महावत को हुक्म दिया कि जैसे ही बीरबल को आता देखे, वैसे ही हाथी की जंजीर खोल दे।

बीरबल को इस बात का पता नहीं था। जब वे बादशाह अकबर से मिलने उनके दरबार की ओर जा रहे थे, तो पागल हाथी को छोड़ा जा चुका था। बीरबल अपनी ही मस्ती में चले जा रहे थे कि उनकी नजर पागल हाथी पर पड़ी, जो चिंघाड़ता हुआ उनकी तरफ आ रहा था।

बीरबल हाजिर जवाब, बेहद बुद्धिमान, चतुर और आत्मविश्वासी थे। वे समझ गए कि बादशाह अकबर ने आत्मविश्वास और बुद्धि की परीक्षा के लिए ही पागल हाथी को छुड़वाया है।

दौड़ता हुआ हाथी सूंड को उठाए तेजी से बीरबल की ओर चला आ रहा था। बीरबल ऐसे स्थान पर खड़े थे कि वह इधर-उधर भागकर भी नहीं बच सकते थे। ठीक उसी वक्त बीरबल को एक कुत्ता दिखाई दिया। हाथी बहुत निकट आ गया था। इतना करीब कि वह बीरबल को अपनी सूंड में लपेट लेता।

तभी बीरबल ने झटपट कुत्ते की पिछली दोनों टांगें पकड़ीं और पूरी ताकत से घुमाकर हाथी पर फेंका। बुरा तरह घबराकर चीखता हुआ कुत्ता जब हाथी से जाकर टकराया तो उसकी भयानक चीखें सुनकर हाथी भी घबरा गया और पलटकर भागा।

बादशाह अकबर को बीरबल की इस बात की खबर मिल गई और उन्हें यह मानना पड़ा कि बीरबल ने जो कुछ कहा है, वह सच है। आत्मविश्वास ही सबसे बड़ा हथियार है।


Greatest weapon  ( सबसे बड़ा हथियार)


 ★★★ Sometimes there were such things between Emperor Akbar and Birbal, which was life threatening to examine them.  Once Emperor Akbar asked Birbal - 'Birbal, which is the biggest weapon in the world?'

 'King Salamat!  Self-confidence is the biggest weapon in the world.  Birbal replied.

 Emperor Akbar, after hearing this thing of Birbal, kept it in his heart and decided to examine it at some time.

 One day an elephant went mad by chance.  In such a situation, elephants were held in chains.

 Emperor Akbar sent Birbal to test Birbal's confidence and ordered the elephant's Mahavat to open the chain of the elephant as soon as he saw Birbal coming.

 Birbal was not aware of this.  When they were going to meet Emperor Akbar at his court, the mad elephant was released.  Birbal was going in his own fun that his eyes fell on the mad elephant, which was coming towards him in a tizzy.

 Birbal was the answer to the spot, highly intelligent, clever and confident.  They understood that Emperor Akbar had rescued the mad elephant for the test of confidence and intelligence.

 The running elephant picked up the trunk and was speeding towards Birbal.  Birbal was standing at such a place that he could not escape even by running here and there.  Exactly at the same moment, Birbal saw a dog.  The elephant had come quite close.  So close that he would wrap Birbal in his trunk.

 Then Birbal quickly caught the last two legs of the dog and threw it at the elephant by turning it with full force.  When the dog screamed in a terrible panic, the elephant also got scared and ran backward after hearing the terrible screams of the elephant.

 Emperor Akbar got the news of Birbal and he had to believe that what Birbal had said was true.  Self-confidence is the biggest weapon.


Story #2

अंधों की संख्या

 

★★★ यहां पर हमने अकबर-बीरबल के बीच हुए संवादों, घटनाओं को बड़े ही मजेदार तथा रोचक तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। जिन्हें अकबर-बीरबल के किस्सों के नाम से जाना जाता है।

एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा- बीरबल जरा बताओ तो उस दुनिया में किसकी संख्या अधिक है, जो देख सकते हैं या जो अंधे हैं?

बीरबल बोले, इस समय तुरंत तो आपके इस सवाल का जबाब देना मेरे लिए संभव नहीं है लेकिन मेरा विश्वास है की अंधों की संख्या अधिक होगी बजाए देख सकने वालों की।

बादशाह ने कहा- तुम्हें अपनी बात सिद्ध करके दिखानी होगी, बीरबल ने भी खुशी-खुशी बादशाह की चुनौती स्वीकार कर ली।

अगले दिन बीरबल बीच बाजार में एक बिना बुनी हुई चारपाई लेकर बैठ गए और उसे बुनना शुरू कर दिया, उसके अगल-बगल दो आदमी कागज-कलम लेकर बैठे हुए थे।

थोडी ही देर मे वहां भीड़ इकट्‍ठी हो गई, यह देखने के लिए कि यहां हो क्या रहा है।

वहां मौजूद हर व्यक्ति ने बीरबल से एक ही सवाल पूछा- बीरबल तुम क्या कर रहे हो?

बीरबल के अगल-बगल बैठे दोनों आदमी ऐसा सवाल करने वालों का नाम पूछ-पूछ कर लिखते जा रहे थे, जब बादशाह के कानों तक यह बात पहुंची कि बीच बाजार बीरबल चारपाई बुन रहे हैं, तो वो भी वहां जा पहुंचे और वही सवाल किया- यह तुम क्या कर रहे हो?

कोई जबाब दिए बिना बीरबल ने अपने बगल में बैठे एक आदमी से बादशाह अकबर का भी नाम लिख लेने को कहा, तभी बादशाह ने आदमी के हाथ में थमा कागज का पुलिंदा ले लिया उस पर लिखा था- 'अंधे लोगों की सूची'

बादशाह ने बीरबल से पूछा इसमें मेरा नाम क्यों लिखा है?
बीरबल ने कहा 'जहांपनाह, आपने देखा भी कि मैं चारपाई बुन रहा हूं, फिर भी आपने सवाल पूछा कि- मैं क्या कर रहा हूं।

बादशाह ने देखा उन लोगों की सूची में एक भी नाम नहीं था जो देख सकते थे, लेकिन अंधे लोगों की सूची का पुलिंदा बेहद भारी था...।
बीरबल ने कहा- हुजूर, अब तो आप मेरी बात से सहमत हो गए होंगे की दुनिया में अंधों की तादाद ज्यादा है।
बीरबल की इस चतुराई पर बादशाह मंद-मंद मुस्करा दिए।


Blind number  (अंधों की संख्या) 


 ★★★ Here we have tried to present the dialogues, events between Akbar-Birbal in a very fun and interesting way.  Those are known as the stories of Akbar-Birbal.

 One day Emperor Akbar asked Birbal - Tell me Birbal, whose number is more in the world, who can see or who is blind?

 Birbal said, at this time it is not possible for me to answer your question immediately, but I believe that there will be more number of blind people than people who can see.

 The king said- You have to prove your point, Birbal also happily accepted the king's challenge.

 The next day Birbal sat down in the beach market with an un-woven cot and started knitting it, with two men sitting next to him carrying paper-pen.

 A crowd gathered there in a while, to see what was happening here.

 Everyone present there asked Birbal the same question - Birbal, what are you doing?

 The two men sitting next to Birbal were asking the names of those who were asking such questions, when it reached the Emperor's ears that Birbal was weaving cots in the middle of the market, he also reached there and asked the same question.  - What are you doing?

 Without giving any answer, Birbal asked a man sitting next to him to write the name of Emperor Akbar as well, when the emperor took a packet of paper held in the hand of the man, it was written on it - 'List of blind people'.

 The king asked Birbal why my name is written in it?

 Birbal said, 'Jahanpanah, you have seen that I am weaving cots, yet you asked the question - what am I doing.

 The king saw that there was not a single name in the list of those who could see, but the truss of the list of blind people was very heavy….

 Birbal said- Huzoor, now you must have agreed with me that there are more number of blind in the world.

 The king smiled softly at this cleverness of Birbal.




Story #3

सब लोग एक जैसा सोचते हैं

★★★ दरबार की कार्यवाही चल रही थी। सभी दरबारी एक ऐसे प्रश्न पर विचार कर रहे थे जो राज-काज चलाने की दृष्टि से बेहद अहम न था। सभी एक-एक कर अपनी राय दे रहे थे।
बादशाह दरबार में बैठे यह महसूस कर रहे थे कि सबकी राय अलग है। उन्हें आश्चर्य हुआ कि सभी एक जैसे क्यों नहीं सोचते!

तब बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा, 'क्या तुम बता सकते हो कि लोगों की राय आपस में मिलती क्यों नहीं? सब अलग-अलग क्यों सोचते हैं?’

'हमेशा ऐसा नहीं होता, बादशाह सलामत!' बीरबल बोला, 'कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जिन पर सभी के विचार समान होते हैं।' इसके बाद कुछ और काम निपटा कर दरबार की कार्यवाही समाप्त हो गई। सभी अपने-अपने घरों को लौट चले।

उसी शाम जब बीरबल और बादशाह अकबर बाग में टहल रहे थे, तो बादशाह ने फिर वही राग छेड़ दिया और बीरबल से बहस करने लगे।

तब बीरबल बाग के ही एक कोने की ओर उंगली से संकेत करता हुआ बोला, 'वहां उस पेड़ के निकट एक कुंआ है। वहां चलिए, मैं कोशिश करता हूं कि आपको समझा सकूं कि जब कोई समस्या जनता से जुड़ी हो तो सभी एक जैसा ही सोचते हैं।
मेरे कहने का मतलब यह है कि बहुत-सी ऐसी बातें हैं जिनको लेकर लोगों के विचार एक जैसे होते हैं।’

बादशाह अकबर ने कुछ देर कुंए की ओर घूरा, फिर बोले, 'लेकिन मैं कुछ समझा नहीं, तुम्हारे समझाने का ढंग कुछ अजीब-सा है।' बादशाह जबकि जानते थे कि बीरबल अपनी बात सिद्ध करने के लिए ऐसे ही प्रयोग करता रहता है।

'सब समझ जाएंगे हुजूर!'

बीरबल बोला, 'आप शाही फरमान जारी कराएं कि नगर के हर घर से एक लोटा दूध लाकर बाग में स्थित इस कुंए में डाला जाए। दिन पूर्णमासी का होगा। हमारा नगर बहुत बड़ा है, यदि हर घर से एक लोटा दूध इस कुएं में पड़ेगा तो यह दूध से भर जाएगा।’

बीरबल की यह बात सुन बादशाह अकबर ठहाका लगाकर हंस पड़े। फिर भी उन्होंने बीरबल के कहेनुसार फरमान जारी कर दिया।

शहर भर में मुनादी करवा दी गई कि आने वाली पूर्णमासी के दिन हर घर से एक लोटा दूध लाकर शाही बाग के कुंए में डाला जाए। जो ऐसा नहीं करेगा उसे सजा मिलेगी।

पूर्णमासी के दिन बाग के बाहर लोगों की कतार लग गई। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा था कि हर घर से कोई न कोई वहां जरूर आए। सभी के हाथों में भरे हुए पात्र (बरतन) दिखाई दे रहे थे।

बादशाह अकबर और बीरबल दूर बैठे यह सब देख रहे थे और एक-दूसरे को देख मुस्करा रहे थे। सांझ ढलने से पहले कुंए में दूध डालने का काम पूरा हो गया। हर घर से दूध लाकर कुंए में डाला गया था।

जब सभी वहां से चले गए तो बादशाह अकबर व बीरबल ने कुंए के निकट जाकर अंदर झांका। कुंआ मुंडेर तक भरा हुआ था। लेकिन यह देख बादशाह अकबर को बेहद हैरानी हुई कि कुंए में दूध नहीं पानी भरा हुआ था। दूध का तो कहीं नामोनिशान तक न था।

हैरानी भरी निगाहों से बादशाह अकबर ने बीरबल की ओर देखते हुए पूछा, 'ऐसा क्यों हुआ? शाही फरमान तो कुंए में दूध डालने का जारी हुआ था, यह पानी कहां से आया? लोगों ने दूध क्यों नहीं डाला?’

बीरबल एक जोरदार ठहाका लगाता हुआ बोला, 'यही तो मैं सिद्ध करना चाहता था हुजूर! मैंने कहा था आपसे कि बहुत-सी ऐसी बातें होती हैं जिस पर लोग एक जैसा सोचते हैं, और यह भी एक ऐसा ही मौका था। लोग कीमती दूध बरबाद करने को तैयार न थे। वे जानते थे कि कुंए में दूध डालना व्यर्थ है। इससे उन्हें कुछ मिलने वाला नहीं था।

इसलिए यह सोचकर कि किसी को क्या पता चलेगा, सभी पानी से भरे बरतन ले आए और कुंए में उड़ेल दिए। नतीजा…दूध के बजाय पानी से भर गया कुंआ।’

बीरबल की यह चतुराई देख बादशाह अकबर ने उसकी पीठ थपथपाई।

बीरबल ने सिद्ध कर दिखाया था कि कभी-कभी लोग एक जैसा भी सोचते हैं।


Everybody thinks the same ( सब लोग एक जैसा सोचते हैं) 


 ★★★ The court proceedings were in progress.  All the courtiers were considering a question which was not very important from the point of view of running the Kingdom.  Everyone was giving his opinion one by one.

 The emperor sat in the court feeling that everyone had a different opinion.  They wonder why not everyone thinks alike!

 Then Emperor Akbar asked Birbal, 'Can you tell why people do not get opinions among themselves?  Why do everyone think differently? '

 'This is not always the case, King Salamat!'  Birbal said, 'There are some problems on which everyone has the same views.'  After this some more work was done and the court proceedings ended.  All returned to their respective homes.

 The same evening when Birbal and Emperor Akbar were walking in the garden, the Emperor again started the same raga and started arguing with Birbal.

 Then Birbal said with a finger pointing towards one corner of the garden, he said, 'There is a well near that tree.  Let me go there, I try to explain to you that when a problem is related to the public, then everyone thinks the same.

 What I mean to say is that there are many things about which people have similar views. '

 Emperor Akbar turned to the well for some time, then said, 'But I have not understood anything, your manner of explaining is a bit strange.'  While the king knew that Birbal used to do similar experiments to prove his point.

 'All will understand, hujur!'

 Birbal said, 'You issue the royal decree that a lotta milk from every house of the city should be brought and put in this well situated in the garden.  Day would be a full moon day.  Our city is very big, if one lotus of milk from each house will be put in this well, then it will be filled with milk. '

 Emperor Akbar laughed and laughed after hearing Birbal's words.  Nevertheless, he issued a decree according to Birbal.

 Munadi was made across the city that on the day of the coming full moon day a lotta milk was brought from every house and put in the well of Shahi Bagh.  The person who is not going to do this will be punished.

 On the full moon day, a queue of people started outside the garden.  Special care was being taken that some one must come there from every house.  The filled vessels (utensils) were visible in everyone's hands.

 Emperor Akbar and Birbal were watching all this while sitting away and were smiling at each other.  Before dusk, pouring milk into the well was completed.  Milk was brought from every house and poured into the well.

 When everyone left from there, Emperor Akbar and Birbal went near the well and peeped inside.  The well was filled up to Mundar.  But Emperor Akbar was very surprised to see that there was no water in the well.  There was not even a trace of milk anywhere.

 Surprisingly, Emperor Akbar, looking towards Birbal, asked, "Why did this happen?"  The royal decree was issued to pour milk into the well, where did this water come from?  Why didn't people add milk? '

 Birbal said with a loud shout, 'This is what I wanted to prove!  I told you that many such things happen on which people think alike, and this was one such opportunity.  The people were not willing to waste precious milk.  They knew that it is useless to put milk in a well.  He would not have got anything out of this.

 So, wondering what anyone would know, everyone brought a pot full of water and poured it into the well.  The result… a well filled with water instead of milk. '

 Seeing this cleverness of Birbal, Emperor Akbar patted him on the back.

 Birbal had proved that sometimes people think the same.


Story #4

ऊंट की गर्दन

 

★★★ बादशाह अकबर बीरबल की हाजिर जवाबी के बडे़ कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की, लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को धन राशि (पुरस्कार) प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बड़ी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलाएं तो कैसे?

एक दिन महाराजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। बादशाह अकबर ने वहां एक ऊंट को घूमते देखा।

बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा- बीरबल बताओ, ऊंट की गर्दन मुड़ी क्यों होती है?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है।

उन्होंने जवाब दिया- महाराज यह ऊंट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊंट की गर्दन मुड गई है।

महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊंट की तरह मोड़ देता है। यह एक तरह की सजा है।

तभी बादशाह अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गए हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिए कहा और महल में पहुंचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी और बोले मेरी गर्दन तो ऊंट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल।

और यह कहकर बादशाह अकबर अपनी हंसी नहीं रोक पाए। और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना मांगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।


Camel neck ( ऊंट की गर्दन) 


 ★★★ Emperor Akbar was very convincing in the response to Birbal's spot.  One day, happy in the court, he announced to give some prize to Birbal, but even after many days Birbal did not get the money (prize).  Birbal was very confused how to remind Maharaj?

 One day Maharaja Akbar set out on an evening walk along the banks of the Yamuna River.  Birbal was with them.  Emperor Akbar saw a camel roaming there.

 Emperor Akbar asked Birbal - tell Birbal, why does the camel have a neck bent?

 Birbal thought this was the right time to remind Maharaj of his promise.

 He replied- Maharaj has forgotten this camel by promising someone, due to which the camel's neck is bent.

 Maharaj, says that whoever forgets his promise, God turns his neck like a camel.  This is a kind of punishment.

 That's when Emperor Akbar realizes that he too has forgotten one of his promises made to Birbal.  He asked Birbal to hurry to the palace and as soon as he reached the palace, he first handed over the prize money to Birbal and said that my neck will not bend like a camel.

 And by saying that Emperor Akbar could not stop his laughter.  And thus Birbal, with his cleverness, received his prize from the king without asking for it.


Story #5

सब बह जाएंगे

★★★ बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई।
उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया- 'हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।’

बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा- 'क्यों भई, इस गांव में सब ठीकठाक तो है न?’

उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला- 'हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है?’

'तुम्हारा नाम क्या है?' बादशाह ने पूछा।

'गंगा।’

'तुम्हारे पिता का नाम?’

'जमुना और मां का नाम सरस्वती है?’

'हुजूर, नर्मदा।’

यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला- 'हुजूर तुरंत पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें, वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।’

यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सकें।


All will flow (सब बह जाएंगे) 


 ★★★ Emperor Akbar and Birbal went on a hunt.  He was accompanied by some soldiers and servants.  While returning from the hunt, Emperor Akbar, passing through a village, inquired about that village.

 When he told Birbal about this, he replied - 'Huzoor, I do not know anything about this village, but I ask a resident of this village and tell him.'

 Birbal called a man and asked- 'Why brother, everything is fine in this village, isn't it?'

 The man recognized the emperor and said- 'Hujur how can there be any deficiency in your rule?'

 'What is your name?'  The king asked.

 'Ganges.'

 'Your father's name?'

 'Jamuna and mother's name is Saraswati?'

 'Huzoor, Narmada.'

 Hearing this, Birbal quipped and said- 'Huzoor immediately go back.  If you have a boat then proceed only, otherwise there is a danger of drowning in this village of rivers. '

 Hearing this, Emperor Akbar could not live without laughing.


 Click here for more paheli and riddles



 

Sunday, May 9, 2021

20 Animal riddles for kid

20 Animal riddles for kid

Here are 20 rhyme puzzles for children about different types of animals.

 Come play now what animal I am!  Have fun with these fun riddles and include guessing games about animals, answers.

यहां विभिन्न प्रकार के जानवरों के बारे में बच्चों के लिए 20 तुकबंद पहेलियां हैं।

आओ अब खेलें कि मैं कौन सा जानवर हूँ!  इन मजेदार पहेलियों के साथ मज़े करें और जानवरों के बारे में अनुमान लगाने वाले खेल, उत्तर शामिल हैं।  

Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Paheliyan with Answer, Hindi Paheli, 10 animals riddles for kids, kids puzzle, top kids puzzles/paheliyan

Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Paheliyan with Answer, Hindi Paheli, math riddles,fruit riddles, math paheli with Answer, math paheli, whatsapp paheli, whatsapp, riddles.


Riddle #1

There’s lots of me at Thanksgiving
But you don’t want me to be wasted
Because my meat’s really juicy
Just so long as I have been basted

बहुत-बहुत धन्यवाद

लेकिन आप नहीं चाहते कि मैं बर्बाद होऊं

 क्योंकि मेरा मांस वास्तव में रसदार है

स जब तक मुझे चखा गया है

bahut-bahut dhanyavaad

 lekin aap nahin chaahate ki main barbaad hooon

 kyonki mera maans vaastav mein rasadaar hai

 bas jab tak mujhe chakha gaya hai

Riddle #2

One of these is Cupid
But it doesn’t have a bow
Instead it pulls a sleigh
Through the air and lands on snow

इन्हीं में से एक है कामदेव

 लेकिन उसके पास धनुष नहीं है

 इसके बजाय यह एक बेपहियों की गाड़ी खींचता है

 बर्फ पर हवा और भूमि के माध्यम से

inheen mein se ek hai kaamadev

 lekin usake paas dhanush nahin hai

 isake bajaay yah ek bepahiyon kee gaadee kheenchata hai

 barph par hava aur bhoomi ke maadhyam se


Riddle #3

You might be called this animal
If someone thinks that you’re afraid
This is something that you might eat
As well as its eggs that it laid

आपको यह जानवर कहा जा सकता है

 अगर किसी को लगता है कि आप डरते हैं

 यह कुछ ऐसा है जो आप खा सकते हैं

 साथ ही इसके अंडे जो इसे बिछाए

aapako yah jaanavar kaha ja sakata hai

 agar kisee ko lagata hai ki aap darate hain

 yah kuchh aisa hai jo aap kha sakate hain

 saath hee isake ande jo ise bichhae

Riddle #4

This provides meat that you would eat
When breakfast you are makin’
A chicken is what gives the eggs
And this is what gives bacon

यह वह मांस प्रदान करता है जिसे आप खाते हैं

 जब आप नाश्ता करते हैं '

 एक मुर्गी वही है जो अंडे देती है

 और यह क्या बेकन देता है

yah vah maans pradaan karata hai jise aap khaate hain

 jab aap naashta karate hain 

 ek murgee vahee hai jo ande detee hai

 aur yah kya bekan deta hai


Riddle #5

My wings are used as flippers
So in water I can flow
Sometimes when on land I slide
On my belly in the snow

मेरे पंखों का उपयोग फ्लिपर्स के रूप में किया जाता है

 इसलिए पानी में मैं बह सकता हूं

 कभी-कभी जब भूमि पर मैं स्लाइड करता हूं

 बर्फ में मेरे पेट पर

mere pankhon ka upayog phlipars ke roop mein kiya jaata hai

isalie paanee mein main bah sakata hoon

 kabhee-kabhee jab bhoomi par main slaid karata hoon

 barph mein mere pet par

Riddle #6

I am known as a king
The jungle’s where I reign
It is hard to tame me
And I have a large mane

मुझे एक राजा के रूप में जाना जाता है

 जंगल जहां मैं राज्य करता हूं

 मुझे वश में करना कठिन है

 और मेरे पास एक बड़ा अयाल है

mujhe ek raaja ke roop mein jaana jaata hai

 jangal jahaan main raajy karata hoon

 mujhe vash mein karana kathin hai

 aur mere paas ek bada ayaal hai

Riddle #7

I travel very slowly
When gliding along the ground
Maybe my shell weighs me down
In your garden I am found

 मैं बहुत धीमी गति से यात्रा करता हूं

 जब जमीन के साथ ग्लाइडिंग होती है

 हो सकता है मेरा खोल मेरा वजन कम कर दे

 तुम्हारे बगीचे में मुझे पाया जाता है

main bahut dheemee gati se yaatra karata hoon

 jab jameen ke saath glaiding hotee hai

 ho sakata hai mera khol mera vajan kam kar de

 tumhaare bageeche mein mujhe paaya jaata hai

Riddle #8

I like to use my long tongue
To eat leaves from tops of trees
I don’t have to climb up though
With my long neck it’s a breeze

मुझे अपनी लंबी जीभ का इस्तेमाल करना पसंद है

 पेड़ों के शीर्ष से पत्तियां खाने के लिए

 मुझे हालांकि ऊपर नहीं चढ़ना है

 मेरी लंबी गर्दन के साथ यह एक हवा है

mujhe apanee lambee jeebh ka istemaal karana pasand hai

 pedon ke sheersh se pattiyaan khaane ke lie

 mujhe haalaanki oopar nahin chadhana hai

 meree lambee gardan ke saath yah ek hava hai

Riddle #9

What are all these animals?
Marmoset and capuchin
Macaque, spider and baboon
A mandrill and tamarin

 ये सभी जानवर क्या हैं?

 मर्मोसेट और कैपुचिन

 मकाक, मकड़ी और बबून

 एक मैन्ड्रिल और तमरी

ye sabhee jaanavar kya hain?

 marmoset aur kaipuchin

 makaak, makadee aur baboon

 ek maindril aur tamareen

Riddle #10

Some types slither on the ground
And some can live up in the trees
Adders, vipers and cobras
What kind of animals are these?

कुछ प्रकार जमीन पर चलते हैं

 और कुछ पेड़ों में रह सकते हैं

 योजक, वाइपर और कोबरा

 ये किस प्रकार के जानवर हैं?

kuchh prakaar jameen par chalate hain

 aur kuchh pedon mein rah sakate hain

 yojak, vaipar aur kobara

 ye kis prakaar ke jaanavar hain

mere paas ek bahut lambee soond hai

aur yah kaha ki main kabhee nahin bhool sakata

Riddle #11

They live in a field
Milk is what they make
They help give us leather
And a juicy steak

वे एक खेत में रहते हैं

 दूध वही है जो वे बनाते हैं

 वे हमें चमड़ा देने में मदद करते हैं

 और एक रसदार स्टेक

ve ek khet mein rahate hain

doodh vahee hai jo ve banaate hain

ve hamen chamada dene mein madad karate hain

aur ek rasadaar stek

Riddle #12

Some people are scared of this creature
Because it can have a big bite
So be careful out in the ocean
One of its kind is a Great White

कुछ लोग इस जीव से डरते हैं

 क्योंकि इसमें बड़ा दंश हो सकता है

 इसलिए समुद्र में सावधानी बरतें

 इसकी एक किस्म ग्रेट व्हाइट है

kuchh log is jeev se darate hain

kyonki isamen bada dansh ho sakata hai

isalie samudr mein saavadhaanee baraten

isakee ek kism gret vhait hai

Riddle #13

I’m a pet that has four legs
And a tail at the end
You might hear me barking
And I’m known as man’s best friend

मैं एक पालतू जानवर हूं, जिसके चार पैर हैं

 और अंत में एक पूंछ

 आप मुझे भौंकते हुए सुन सकते हैं

 और मुझे मनुष्य का सबसे अच्छा दोस्त कहा जाता है

main ek paalatoo jaanavar hoon, jisake chaar pair hain

aur ant mein ek poonchh

aap mujhe bhaunkate hue sun sakate hain

aur mujhe manushy ka sabase achchha dost kaha jaata hai


Riddle #14

This is something black and white
But it’s not an old TV
It’s a type of animal
That starts with the letter Z

यह कुछ काला और सफेद है

 लेकिन यह एक पुराना टीवी नहीं है

 यह एक प्रकार का जानवर है

 वह अक्षर Z से शुरू होता है

yah kuchh kaala aur saphed hai

lekin yah ek puraana teevee nahin hai

yah ek prakaar ka jaanavar hai

vah akshar z se shuroo hota hai

Riddle #15

If you see one when you’re camping
It might give you a big fright
They can be black, brown or grizzly
And pandas are black and white

यदि आप कैम्प करते समय एक देखते हैं

 यह आपको एक बड़ा डर दे सकता है

 वे काले, भूरे या ख़ाकी हो सकते हैं

 और पांडा काले और सफेद हैं

yadi aap kaimp karate samay ek dekhate hain

yah aapako ek bada dar de sakata hai

ve kaale, bhoore ya khaakee ho sakate hain

aur paanda kaale aur saphed hain

Riddle #16

It’s a very common pet
A baby is called a kitten
The number of lives it has
Is said to be one less than ten

यह एक बहुत ही सामान्य पालतू जानवर है

 एक बच्चे को बिल्ली का बच्चा कहा जाता है

 जीवन की संख्या यह है

 दस से एक कम बताया जाता है

yah ek bahut hee saamaany paalatoo jaanavar hai

ek bachche ko billee ka bachcha kaha jaata hai

jeevan kee sankhya yah hai

das se ek kam bataaya jaata hai


Riddle #17

This is a type of animal
Of which Nutkin was a male
They climb trees and collect nuts
And they have a bushy tail

यह एक प्रकार का जानवर है

 जिनमें से नटकीन एक पुरुष था

 वे पेड़ों पर चढ़ते हैं और नट इकट्ठा करते हैं

 और उनके पास एक झाड़ीदार पूंछ है

yah ek prakaar ka jaanavar hai

jinamen se natakeen ek purush tha

ve pedon par chadhate hain aur nat ikattha karate hain

aur unake paas ek jhaadeedaar poonchh hai

Riddle #18

A stallion’s a male
A female is called a mare
You can ride on one of these
On a carousel at a fair

एक स्टालियन का एक पुरुष

 एक महिला को घोड़ी कहा जाता है

 आप इनमें से किसी एक पर सवारी कर सकते हैं

 एक मेले में हिंडोला पर

ek staaliyan ka ek purush

ek mahila ko ghodee kaha jaata hai

aap inamen se kisee ek par savaaree kar sakate hain

ek mele mein hindola par

Riddle #19

I like to hop around
I’m a tadpole when I’m young
I am green and I croak
And catch flies with my long tongue

मुझे आस-पास आशा है

 जब मैं छोटा हूं

 मैं हरा हूं और मैं बदमाश हूं

 और मेरी लंबी जीभ से मक्खियों को पकड़ता है

mujhe aas-paas aasha hai

jab main chhota hoon

main hara hoon aur main badamaash hoon

aur meree lambee jeebh se makkhiyon ko pakadata hai

Answer :-

(1) Turkey (तुर्की) 

(2) Reindeer (बारहसिंगा) 

(3) Chicken (चिकन) 

(4) pig (सूअर) 

(5) Penguin (पेंगुइन) 

(6) Lion (शेर) 

(7) Snail (घोंघा) 

(8) Giraffe (जिराफ) 

(9) Monkey (शेर) 

(10) Snake (साँप)

(11) Elephant (हाथी) 

(12) Cow (गाय) 

(13) Shark (शार्क ) 

(14) Dog (कुता) 

(15) Zebra (ज़ेबरा) 

(16) bear  (भालु) 

(17) CAT (बिल्ली) 

(18) Squirrel  (गिलहरी) 

(19) Horse (घोड़ा) 

(20) Frog (मेढ़क) 

Click here for more puzzle and riddles

Friday, May 7, 2021

अकबर बीरबल की कहानी पहेलियाँ (Akbar Birbal story puzzle) मित्रों, अकबर की पहेली (Akbar Birbal Riddle In Hindi) कहानी शेयर कर रहे हैं. अकबर बीरबल की इस कहानी में बादशाह अकबर बीरबल से एक पहेली पूछते हैं, जिसे सुनकर बीरबल चकरा जाता है. वह पहेली क्या थी? क्या बीरबल उस पहेली का उत्तर दे पाता है? यह जानने के लिए पढ़िए अकबर बीरबल की ये रोचक कहानियां || Friends, Akbar Birbal Riddle In Hindi is sharing the story. In this story of Akbar Birbal, Emperor Akbar asks Birbal a puzzle, which Birbal is confused by hearing. What was that puzzle? Is Birbal able to answer that riddle? Read these interesting stories of Akbar Birbal to know this. बादशाह अकबर के नवरत्न बीरबल ★★★ मुगल बादशाह अकबर का नाम आए और बीरबल की बात न निकले ऐसा हो ही नहीं सकता। बीरबल की विनोदप्रियता और बुद्धिचातुर्य ने न केवल बादशाह अकबर, बल्कि मुगल साम्राज्य की प्रजा का भी मन मोह लिया था। लोकप्रियता में बीरबल का कोई सानी नहीं था। वे उच्च कोटि के प्रशासक, और तलवार के धनी थे। पर शायद जिस गुण के कारण वे बादशाह अकबर को परम प्रिय थे, वह गुण था उनका उच्च कोटि का विनोदी होना। मुगल बादशाह अकबर का नाम आए और बीरबल की बात न निकले ऐसा हो ही नहीं सकता। बीरबल की विनोदप्रियता और बुद्धिचातुर्य ने न केवल बादशाह अकबर, बल्कि मुगल साम्राज्य की प्रजा का भी मन मोह लिया था। लोकप्रियता में बीरबल का कोई सानी नहीं था। वे उच्च कोटि के प्रशासक, और तलवार के धनी थे। पर शायद जिस गुण के कारण वे बादशाह अकबर को परम प्रिय थे, वह गुण था उनका उच्च कोटि का विनोदी होना। वैसे तो बीरबल के नाम से प्रसिद्ध थे, परंतु उनका असली नाम महेशदास था। ऐसा विश्वास किया जाता है कि यमुना के तट पर बसे त्रिविक्रमपुर (अब तिकवांपुर के नाम से प्रसिद्ध) एक निर्धन ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए थे। लेकिन अपनी प्रतिभा के बल पर उन्होंने बादशाह अकबर के दरबार के नवरत्नों में स्थान प्राप्त किया था। उनकी इस अद्भुत सफलता के कारण अनेक दरबारी उनसे ईर्ष्या करते थे और उनके विरुद्ध षड्‍यंत्र रचते थे। बीरबल सेनानायक के रूप में अफगानिस्तान की लड़ाई में मारे गए। कहा जाता है कि उनकी मृत्यु ईर्ष्यालु विरोधियों का परिणाम थी। बीरबल की मृत्यु के समाचार से बादशाह अकबर को कितना गहरा आघात पहुंचा था। इसका परिणाम है उनके मुख से कविता के रूप में निकली ये पंक्तियां - दीन जान सब दीन, एक दुरायो दुसह दुख, सो अब हम को दीन, कुछ नहीं राख्यो बीरबल। बहुत कम लोगों को पता होगा कि बीरबल एक कुशल कवि भी थे। वे ‘ब्रह्म’ उपनाम से लिखते थे। उनकी कविताओं का संग्रह आज भी भरतपुर-संग्रहालय में सुरक्षित है। बादशाह अकबर के लिए बीरबल सच्चे सखा, सच्चे संगी थे। बादशाह अकबर के नए धर्म दीन-ए-इलाही के मुख्य 17 अनुयायियों में यदि कोई हिंदू था, तो वे अकेले बीरबल। Navratna Birbal of Emperor Akbar ★★★ The name of Mughal Emperor Akbar came and it cannot be said that Birbal could not be mentioned. Birbal's humor and wit had charmed not only Emperor Akbar, but also the subjects of the Mughal Empire. Birbal had no match in popularity. He was an administrator of the highest order, and rich in swords. But perhaps the quality of which he was most dear to Emperor Akbar was that of his high quality of humor. The name of Mughal emperor Akbar came and it cannot be said that Birbal could not be mentioned. Birbal's humor and wit had charmed not only Emperor Akbar, but also the subjects of the Mughal Empire. Birbal had no match in popularity. He was an administrator of the highest order, and rich in swords. But perhaps the quality of which he was most dear to Emperor Akbar was that of his high quality of humor. Although he was famous by the name of Birbal, but his real name was Maheshadas. It is believed that Trivikrampur (now known as Tikvampur) settled on the banks of the Yamuna was born into a poor Brahmin family. But on the strength of his talent, he got a place in the Navratnas of the court of Emperor Akbar. Because of his amazing success, many courtiers were jealous of him and conspired against him. Birbal was killed in the battle of Afghanistan as a general. His death is said to have been the result of jealous opponents. Emperor Akbar was deeply shocked by the news of Birbal's death. The result is that these lines came out of his mouth in the form of poetry - Deen jaan sub deen, One sad sadness, So humbled me now, Nothing Rakhyo Birbal. Very few people will know that Birbal was also a skilled poet. He used to write with the surname 'Brahma'. The collection of his poems is still preserved in the Bharatpur-museum. For Emperor Akbar, Birbal was a true Sakha, a true companion. Birbal alone was one of the main 17 followers of Emperor Akbar's new religion, Din-i-Ilahi, if he was a Hindu. baadashaah akabar ke navaratn beerabal ★★★ mugal baadashaah akabar ka naam aae aur beerabal kee baat na nikale aisa ho hee nahin sakata. beerabal kee vinodapriyata aur buddhichaatury ne na keval baadashaah akabar, balki mugal saamraajy kee praja ka bhee man moh liya tha. lokapriyata mein beerabal ka koee saanee nahin tha. ve uchch koti ke prashaasak, aur talavaar ke dhanee the. par shaayad jis gun ke kaaran ve baadashaah akabar ko param priy the, vah gun tha unaka uchch koti ka vinodee hona. mugal baadashaah akabar ka naam aae aur beerabal kee baat na nikale aisa ho hee nahin sakata. beerabal kee vinodapriyata aur buddhichaatury ne na keval baadashaah akabar, balki mugal saamraajy kee praja ka bhee man moh liya tha. lokapriyata mein beerabal ka koee saanee nahin tha. ve uchch koti ke prashaasak, aur talavaar ke dhanee the. par shaayad jis gun ke kaaran ve baadashaah akabar ko param priy the, vah gun tha unaka uchch koti ka vinodee hona. vaise to beerabal ke naam se prasiddh the, parantu unaka asalee naam maheshadaas tha. aisa vishvaas kiya jaata hai ki yamuna ke tat par base trivikramapur (ab tikavaampur ke naam se prasiddh) ek nirdhan braahman parivaar mein paida hue the. lekin apanee pratibha ke bal par unhonne baadashaah akabar ke darabaar ke navaratnon mein sthaan praapt kiya tha. unakee is adbhut saphalata ke kaaran anek darabaaree unase eershya karate the aur unake viruddh shad‍yantr rachate the. beerabal senaanaayak ke roop mein aphagaanistaan kee ladaee mein maare gae. kaha jaata hai ki unakee mrtyu eershyaalu virodhiyon ka parinaam thee. beerabal kee mrtyu ke samaachaar se baadashaah akabar ko kitana gahara aaghaat pahuncha tha. isaka parinaam hai unake mukh se kavita ke roop mein nikalee ye panktiyaan - deen jaan sab deen, ek duraayo dusah dukh, so ab ham ko deen, kuchh nahin raakhyo beerabal. bahut kam logon ko pata hoga ki beerabal ek kushal kavi bhee the. ve ‘brahm’ upanaam se likhate the. unakee kavitaon ka sangrah aaj bhee bharatapur-sangrahaalay mein surakshit hai. baadashaah akabar ke lie beerabal sachche sakha, sachche sangee the. baadashaah akabar ke nae dharm deen-e-ilaahee ke mukhy 17 anuyaayiyon mein yadi koee hindoo tha, to ve akele beerabal.

अकबर बीरबल की कहानी पहेलियाँ (Akbar Birbal story puzzle

मित्रों, अकबर की पहेली (Akbar Birbal Riddle In Hindi) कहानी शेयर कर रहे हैं. अकबर बीरबल की इस कहानी में बादशाह अकबर बीरबल से एक पहेली पूछते हैं, जिसे सुनकर बीरबल चकरा जाता है. वह पहेली क्या थी? क्या बीरबल उस पहेली का उत्तर दे पाता है? यह जानने के लिए पढ़िए अकबर बीरबल की ये रोचक कहानियां ||

Friends, Akbar Birbal Riddle In Hindi is sharing the story.  In this story of Akbar Birbal, Emperor Akbar asks Birbal a puzzle, which Birbal is confused by hearing.  What was that puzzle?  Is Birbal able to answer that riddle?  Read these interesting stories of Akbar Birbal to know this.

दोस्तो अगर आप ढूंढ रहे है  latest collection of Guess the emoji, true genius riddles, brain teasers, puzzles world, Funny Paheliyan, common sense question, riddle IQ test, bujho to jaano, Funny Paheliyan, paheliya, riddles, baccho ki paheliya. Hindi Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Paheliyan with Answer, Hindi Paheli, math riddles,fruit riddles, math paheli with Answer, math paheli, whatsapp paheli.    वैसे अगर आप अपने दिमाग को मजबूत बनाना चाहते हैं तो पहेलियां आपकी मदद कर सकती हैं क्योंकि एक शोध में पाया गया है कि पहेली सुलझाने से दिमागी  क्षमता  दुगनी तेजी से बढ़ता है| और हमारी यह पहेलियां आपके दिमाग की अच्छी कसरत करवाएंगे, आप हमारी वेबसाइट www.makelifefun.in पर जा कर हर केटेगरी की पहेली का मजा ले सकते


बादशाह अकबर के नवरत्न बीरबल

 

★★★ मुगल बादशाह अकबर का नाम आए और बीरबल की बात न निकले ऐसा हो ही नहीं सकता। बीरबल की विनोदप्रियता और बुद्धिचातुर्य ने न केवल बादशाह अकबर, बल्कि मुगल साम्राज्य की प्रजा का भी मन मोह लिया था।

लोकप्रियता में बीरबल का कोई सानी नहीं था। वे उच्च कोटि के प्रशासक, और तलवार के धनी थे। पर शायद जिस गुण के कारण वे बादशाह अकबर को परम प्रिय थे, वह गुण था उनका उच्च कोटि का विनोदी होना।

मुगल बादशाह अकबर का नाम आए और बीरबल की बात न निकले ऐसा हो ही नहीं सकता। बीरबल की विनोदप्रियता और बुद्धिचातुर्य ने न केवल बादशाह अकबर, बल्कि मुगल साम्राज्य की प्रजा का भी मन मोह लिया था।

लोकप्रियता में बीरबल का कोई सानी नहीं था। वे उच्च कोटि के प्रशासक, और तलवार के धनी थे। पर शायद जिस गुण के कारण वे बादशाह अकबर को परम प्रिय थे, वह गुण था उनका उच्च कोटि का विनोदी होना।

वैसे तो बीरबल के नाम से प्रसिद्ध थे, परंतु उनका असली नाम महेशदास था। ऐसा विश्वास किया जाता है कि यमुना के तट पर बसे त्रिविक्रमपुर (अब तिकवांपुर के नाम से प्रसिद्ध) एक निर्धन ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए थे।

लेकिन अपनी प्रतिभा के बल पर उन्होंने बादशाह अकबर के दरबार के नवरत्नों में स्थान प्राप्त किया था। उनकी इस अद्भुत सफलता के कारण अनेक दरबारी उनसे ईर्ष्या करते थे और उनके विरुद्ध षड्‍यंत्र रचते थे।

बीरबल सेनानायक के रूप में अफगानिस्तान की लड़ाई में मारे गए। कहा जाता है कि उनकी मृत्यु ईर्ष्यालु विरोधियों का परिणाम थी। बीरबल की मृत्यु के समाचार से बादशाह अकबर को कितना गहरा आघात पहुंचा था।

इसका परिणाम है उनके मुख से कविता के रूप में निकली ये पंक्तियां -

दीन जान सब दीन,
एक दुरायो दुसह दुख,
सो अब हम को दीन,
कुछ नहीं राख्यो बीरबल।

बहुत कम लोगों को पता होगा कि बीरबल एक कुशल कवि भी थे। वे ‘ब्रह्म’ उपनाम से लिखते थे। उनकी कविताओं का संग्रह आज भी भरतपुर-संग्रहालय में सुरक्षित है।

बादशाह अकबर के लिए बीरबल सच्चे सखा, सच्चे संगी थे। बादशाह अकबर के नए धर्म दीन-ए-इलाही के मुख्य 17 अनुयायियों में यदि कोई हिंदू था, तो वे अकेले बीरबल।


Navratna Birbal of Emperor Akbar


 ★★★ The name of Mughal Emperor Akbar came and it cannot be said that Birbal could not be mentioned.  Birbal's humor and wit had charmed not only Emperor Akbar, but also the subjects of the Mughal Empire.

 Birbal had no match in popularity.  He was an administrator of the highest order, and rich in swords.  But perhaps the quality of which he was most dear to Emperor Akbar was that of his high quality of humor.

 The name of Mughal emperor Akbar came and it cannot be said that Birbal could not be mentioned.  Birbal's humor and wit had charmed not only Emperor Akbar, but also the subjects of the Mughal Empire.

 Birbal had no match in popularity.  He was an administrator of the highest order, and rich in swords.  But perhaps the quality of which he was most dear to Emperor Akbar was that of his high quality of humor.

 Although he was famous by the name of Birbal, but his real name was Maheshadas.  It is believed that Trivikrampur (now known as Tikvampur) settled on the banks of the Yamuna was born into a poor Brahmin family.

 But on the strength of his talent, he got a place in the Navratnas of the court of Emperor Akbar.  Because of his amazing success, many courtiers were jealous of him and conspired against him.

 Birbal was killed in the battle of Afghanistan as a general.  His death is said to have been the result of jealous opponents.  Emperor Akbar was deeply shocked by the news of Birbal's death.

 The result is that these lines came out of his mouth in the form of poetry -

 Deen jaan sub deen,

 One sad sadness,

 So humbled me now,

 Nothing Rakhyo Birbal.

 Very few people will know that Birbal was also a skilled poet.  He used to write with the surname 'Brahma'.  The collection of his poems is still preserved in the Bharatpur-museum.

 For Emperor Akbar, Birbal was a true Sakha, a true companion.  Birbal alone was one of the main 17 followers of Emperor Akbar's new religion, Din-i-Ilahi, if he was a Hindu.


baadashaah akabar ke navaratn beerabal


★★★ mugal baadashaah akabar ka naam aae aur beerabal kee baat na nikale aisa ho hee nahin sakata. beerabal kee vinodapriyata aur buddhichaatury ne na keval baadashaah akabar, balki mugal saamraajy kee praja ka bhee man moh liya tha. 

lokapriyata mein beerabal ka koee saanee nahin tha. ve uchch koti ke prashaasak, aur talavaar ke dhanee the. par shaayad jis gun ke kaaran ve baadashaah akabar ko param priy the, vah gun tha unaka uchch koti ka vinodee hona. 

mugal baadashaah akabar ka naam aae aur beerabal kee baat na nikale aisa ho hee nahin sakata. beerabal kee vinodapriyata aur buddhichaatury ne na keval baadashaah akabar, balki mugal saamraajy kee praja ka bhee man moh liya tha. 

lokapriyata mein beerabal ka koee saanee nahin tha. ve uchch koti ke prashaasak, aur talavaar ke dhanee the. par shaayad jis gun ke kaaran ve baadashaah akabar ko param priy the, vah gun tha unaka uchch koti ka vinodee hona. 

vaise to beerabal ke naam se prasiddh the, parantu unaka asalee naam maheshadaas tha. aisa vishvaas kiya jaata hai ki yamuna ke tat par base trivikramapur (ab tikavaampur ke naam se prasiddh) ek nirdhan braahman parivaar mein paida hue the. 

lekin apanee pratibha ke bal par unhonne baadashaah akabar ke darabaar ke navaratnon mein sthaan praapt kiya tha. unakee is adbhut saphalata ke kaaran anek darabaaree unase eershya karate the aur unake viruddh shad‍yantr rachate the. 

beerabal senaanaayak ke roop mein aphagaanistaan kee ladaee mein maare gae. kaha jaata hai ki unakee mrtyu eershyaalu virodhiyon ka parinaam thee. beerabal kee mrtyu ke samaachaar se baadashaah akabar ko kitana gahara aaghaat pahuncha tha. 

isaka parinaam hai unake mukh se kavita ke roop mein nikalee ye panktiyaan - 

deen jaan sab deen, 

ek duraayo dusah dukh, 

so ab ham ko deen, 

kuchh nahin raakhyo beerabal. 

bahut kam logon ko pata hoga ki beerabal ek kushal kavi bhee the. ve ‘brahm’ upanaam se likhate the. unakee kavitaon ka sangrah aaj bhee bharatapur-sangrahaalay mein surakshit hai. 

baadashaah akabar ke lie beerabal sachche sakha, sachche sangee the. baadashaah akabar ke nae dharm deen-e-ilaahee ke mukhy 17 anuyaayiyon mein yadi koee hindoo tha, to ve akele beerabal.


यह भी पढ़े

The biggest thing

Guess the hindi songs

Chawlatpati Paheliyan

Top 50 riddles

Emoji puzzles


Intresting stories of Akbar and Birbal, ( अकबर और बीरबल की मजेदार कहानियां)

Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral ...