30 April 2022

गणित पहेली (Mathematics puzzle), Math paheliya Hindi and English

 हिंदी पहेलियां // पहेलियां उत्तर सहित, (गणित पहेली)

दोस्तों  अगर आप ढूंढ रहे है  latest collection of Hindi Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Puzzles, puzzles with Answer, Hindi Puzzles , math riddles,fruit riddles, math puzzles with Answer, math puzzles , whatsapp puzzles , whatsapp, riddles.

 

Riddle #1

 1 ट्रक गांव की तरफ जा रहा था उसे रास्ते में 4 ट्रक और मिले तो बताइए ... कितने ट्रक गांव की ओर जा रहे थे ..

 

 1 truck was going towards the village, if it found 4 more trucks on the way, then tell... how many trucks were going towards the village..

 

 1 trak gaanv kee taraph ja raha tha use raaste mein 4 trak aur mile to bataie ... kitane trak gaanv kee or ja rahe the ..

 

हिंदी पहेलियां // पहेलियां उत्तर सहित, (गणित पहेली),गणित पहेली (Mathematics puzzle), Math paheliya Hindi and English

Riddle #2 

1 तलाब में 10 मछलियाँ है उसमें से 2 मछलियाँ मर गई और 2 नई मछलियाँ पैदा हुई तो बताइये तालाब में कुल कितनी मछलियाँ होगी ?


 There are 10 fish in a pond, out of which 2 fish died and 2 new fish were born, then tell how many fish will be there in the pond?

 

 1 talaab mein 10 machhaliyaan hai usamen se 2 machhaliyaan mar gaee aur 2 naee machhaliyaan paida huee to bataiye taalaab mein kul kitanee machhaliyaan hogee ?

 


 Riddle #3

 चार और चार मिलाकर कब आठ से अधिक बनते है ?

 

 chaar aur chaar milakar kab aath se adhik banate hai ?

 

When do four and four together make more than eight?

 

हिंदी पहेलियां // पहेलियां उत्तर सहित, (गणित पहेली),गणित पहेली (Mathematics puzzle), Math paheliya Hindi and English

 Riddle #4

3 मुर्गियां 3 दिन में 3 अंडे देती है तो 300 मुर्गियां 300 दिन में कितने अंडे देगी .. ?


 3 chickens lay 3 eggs in 3 days then how many eggs will 300 chickens lay in 300 days..?

 

 3 murgiyaan 3 din mein 3 ande detee hai to 300 murgiyaan 300 din mein kitane ande degee .. ?

हिंदी पहेलियां // पहेलियां उत्तर सहित, (गणित पहेली),गणित पहेली (Mathematics puzzle), Math paheliya Hindi and English


 Riddle #5

इन चारों ऑप्शन में से

 TWO ZERO TWO FOUR कौन से हैं??

 a ) 0024 b ) 2044 c ) 2024 d ) 0044

 

हिंदी पहेलियां // पहेलियां उत्तर सहित, (गणित पहेली),गणित पहेली (Mathematics puzzle), Math paheliya Hindi and English

 Riddle #6

 एक लाइन खीचों और इस लाइन को दोबारा छुए बिना इसे छोटा करके बताओ ... ?

 

 Draw a line and truncate it without touching the line again... ?

 

 ek lain kheechon aur is lain ko dobaara chhue bina ise chhota karake batao ... ?

 

 
 
 पहेलियों के उत्तर :-

(1) सिर्फ एक ट्रक

(2) तलाब में कुल 12 मछलियां होंगी क्योंकि मरी हुई मछलियां भी उसी के अंदर है ||

(3) 44, क्योंकि चार और चार मिलकर जब 44 बनते हैं तो वह 8 से अधिक होते हैं

(4) 30,000
 Ex- 300 मुर्गी 3 दिन में अंडे देंगी 300x3 / 3-300 .. और , 300 मुर्गी 300 दिनों में अंडे देंगी 300x300 / 330000 इस प्रकार 300 मुर्गी 300 दिनों में 30,000 अंडे देंगी ।

(5) (C), 2024

(6) इस लाइन के सामने एक लम्बी लाइन खिंच दो . जिससे पहली वाली लाइन अपने आप छोटी हो जाएगी ||

click here for more Paheli and Riddles

Labels: , , , , , , ,

27 April 2022

दिमाग है तो ये पहेलियाँ बताओ | Brilliant & Intelligent Paheliyan | | Hindi Paheliyan

बच्चों और बड़ों के लिए दिमागी पहेलियां उत्तर सहित :- 

दोस्तों  अगर आप ढूंढ रहे है  latest collection of Hindi Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Puzzles, puzzles with Answer, Hindi Puzzles , math riddles,fruit riddles, math puzzles with Answer, math puzzles , whatsapp puzzles , whatsapp, riddles.

 

एक दूधवाले के पास 3 लीटर और 5 लीटर के ही बर्तन है अगर उसे 1 लीटर दूध अलग से निकलना हो तो वह क्या करेगा ??

A milkman has only 3 liter and 5 liter utensils, if he has to separate 1 liter of milk, what will he do?

ek doodhavaale ke paas 3 leetar aur 5 leetar ke hee bartan hai agar use 1 leetar doodh alag se nikalana ho to vah kya karega.

दिमाग है तो ये पहेलियाँ बताओ | Brilliant & Intelligent Paheliyan | | Hindi Paheliyan, Guess the emoji, true genius riddles, brain teasers, puzzles world, Funny Paheliyan, common sense question, riddle IQ test, bujho to jaano, Funny Paheliyan, paheliya, riddles, baccho ki paheliya. Hindi Paheliyan with Answer.

Riddle #2

गाड़ी की ऐसी कौन सी चीज है जो सबसे दूर तक जाती है ??

What is the thing in the car that goes the farthest?

gaadee kee aisee kaun see cheej hai jo sabase door tak jaatee hai.

दिमाग है तो ये पहेलियाँ बताओ | Brilliant & Intelligent Paheliyan | | Hindi Paheliyan

Riddle #3

मैं एक आदमी को दो बना देता हूं, बताओ मैं कौन हूं ?

i make one man two, tell me who i am ??

main ek aadamee ko do bana deta hoon, batao main kaun hoon ??

दिमाग है तो ये पहेलियाँ बताओ | Brilliant & Intelligent Paheliyan | | Hindi Paheliyan

Riddle #4

वह कौन सा फल है जो मीठा होने के बावजूद बिकता नहीं है

Which is the fruit that does not sell even though it is sweet?

vah kaun sa phal hai jo meetha hone ke baavajood bikata nahin hai

दिमाग है तो ये पहेलियाँ बताओ | Brilliant & Intelligent Paheliyan | | Hindi Paheliyan

Riddle #5

जा को जोड़ बने जापान बड़े बड़ों के मुँह की शान , बताओ क्या ??

Let Japan become the pride of the elders' mouth, tell me what ?

ja ko jod bane jaapaan bade badon ke munh kee shaan , batao kya ??

दिमाग है तो ये पहेलियाँ बताओ | Brilliant & Intelligent Paheliyan | | Hindi Paheliyan

 

पहेलियों के उत्तर (Answers of Riddles)

 

(1) 3 लीटर वाले बर्तन से 5 लीटर वाले बर्तन में दो बार दूध डालने की कोशिश करो तो दूसरी बार 1 लीटर दूध बच जाएगा, 

Try to pour milk twice from a 3 liter vessel to a 5 liter vessel, then for the second time 1 liter of milk will be left.


(2) गाड़ी की लाइट, (car light)


(3) आईना, (mirror)


(4) मेहनत का फल, (fruits of hard work)


(5) पान,


for more such fun riddles click here

Best 40 Animal's riddles

Guess the Animals Name Puzzle

Genius Puzzle

funny Questions





Labels: , , , , ,

बच्चों के लिए प्रेरणादायक कहानियां :- आवाज ने खोला भेद, गलत मार्ग का अंजाम,विद्या बड़ी या बुद्धि?, बिजली और तूफान की कहानी, सूअर और लड़के

प्रेरणादायक कहानियां :---


बच्चों के लिए प्रेरणादायक कहानियां :- आवाज ने खोला भेद, गलत मार्ग का अंजाम,विद्या बड़ी या बुद्धि?, बिजली और तूफान की कहानी, सूअर और लड़के

 आवाज ने खोला भेद

 किसी नगर में एक धोबी रहता था। अच्छा चारा न मिलने के कारण उसका गधा बहुत कमजोर हो गया था। एक दिन धोबी को जंगल में बाघ की एक खाल मिल गई। उसने सोचा कि रात में इस खाल को ओढ़ाकर मैं गधे को खेतों में छोड़ दिया करुँगा।

गाँववाले इसे बाघ समझेंगे और डर से इसके पास नहीं आएँगे। खेतों में चरकर यह खूब मोटा-ताजा हो जाएगा।

एक रात गधा बाघ की खाल ओढ़े खेत में चर रहा था। तभी उसने दूर से किसी गधी का रेंकना सुना। उसकी आवाज सुनकर गधा प्रसन्न हो उठा और मौज में आकर स्वयं भी रेंकने लगा।

गधे की आवाज सुनते ही खेतों के रखवालों ने उसे घर लिया और पीट-पीटकर जान से मार डाला। इसलिए कहते हैं अपनी पहचान नहीं खोनी चाहिए। कभी-कभी यह खतरनाक भी साबित होता है।

 गलत मार्ग का अंजाम

 किसी ग्राम में किसान दम्पती रहा करते थे। किसान तो वृद्ध था पर उसकी पत्नी युवती थी। अपने पति से संतुष्ट न रहने के कारण किसान की पत्नी सदा पर-पुरुष की टोह में रहती थी, इस कारण एक क्षण भी घर में नहीं ठहरती थी।

एक दिन किसी ठग ने उसको घर से निकलते हुए देख लिया। उसने उसका पीछा किया और जब देखा कि वह एकान्त में पहुँच गई तो उसके सम्मुख जाकर उसने कहा, “देखो, मेरी पत्नी का देहान्त हो चुका है। मैं तुम पर अनुरक्त हूं। मेरे साथ चलो।”

वह बोली, “यदि ऐसी ही बात है तो मेरे पति के पास बहुत-सा धन है, वृद्धावस्था के कारण वह हिलडुल नहीं सकता। मैं उसको लेकर आती हूं, जिससे कि हमारा भविष्य सुखमय बीते।”

“ठीक है जाओ। कल प्रातःकाल इसी समय इसी स्थान पर मिल जाना।” इस प्रकार उस दिन वह किसान की स्त्री अपने घर लौट गई। रात होने पर जब उसका पति सो गया, तो उसने अपने पति का धन समेटा और उसे लेकर प्रातःकाल उस स्थान पर जा पहुंची। दोनों वहां से चल दिए।

दोनों अपने ग्राम से बहुत दूर निकल आए थे कि तभी मार्ग में एक गहरी नदी आ गई। उस समय उस ठग के मन में विचार आया कि इस औरत को अपने साथ ले जाकर मैं क्या करूंगा। और फिर इसको खोजता हुआ कोई इसके पीछे आ गया तो वैसे भी संकट ही है। अतः किसी प्रकार इससे सारा धन हथियाकर अपना पिण्ड छुड़ाना चाहिए।

यह विचार कर उसने कहा, “नदी बड़ी गहरी है। पहले मैं गठरी को उस पार रख आता हूं, फिर तुमको अपनी पीठ पर लादकर उस पार ले चलूंगा। दोनों को एक साथ ले चलना कठिन है।” “ठीक है, ऐसा ही करो।”

किसान की स्त्री ने अपनी गठरी उसे पकड़ाई तो ठग बोला, “अपने पहने हुए गहने-कपड़े भी दे दो, जिससे नदी में चलने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। और कपड़े भीगेंगे भी नहीं।” उसने वैसा ही किया। उन्हें लेकर ठग नदी के उस पार गया तो फिर लौटकर आया ही नहीं।

वह औरत अपने कुकृत्यों के कारण कहीं की नहीं रही। इसलिए कहते हैं कि अपने हित के लिए गलत कर्मों का मार्ग नहीं अपनाना चाहिए।

 

 विद्या बड़ी या बुद्धि?

 किसी ब्राह्मण के चार पुत्र थे। उनमें परस्पर गहरी मित्रता थी। चारों में से तीन शास्त्रों में पारंगत थे, लेकिन उनमें बुद्धि का अभाव था। चौथे ने शास्त्रों का अध्ययन तो नहीं किया था, लेकिन वह था बड़ा बुद्धिमान।

एक बार चारों भाइयों ने परदेश जाकर अपनी-अपनी विद्या के प्रभाव से धन अर्जित करने का विचार किया। चारों पूर्व के देश की ओर चल पड़े।

रास्ते में सबसे बड़े भाई ने कहा-‘हमारा चौथा भाई तो निरा अनपढ़ है। राजा सदा विद्वान व्यक्ति का ही सत्कार करते हैं। केवल बुद्धि से तो कुछ मिलता नहीं। विद्या के बल पर हम जो धन कमाएँगे, उसमें से इसे कुछ नहीं देंगे। अच्छा तो यही है कि यह घर वापस चला जाए।’

दूसरे भाई का विचार भी यही था। किंतु तीसरे भाई ने उनका विरोध किया। वह बोला-‘हम बचपन से एक साथ रहे हैं, इसलिए इसको अकेले छोड़ना उचित नहीं है। हम अपनी कमाई का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा इसे भी दे दिया करेंगे।’ अतः चौथा भाई भी उनके साथ लगा रहा।

रास्ते में एक घना जंगल पड़ा। वहाँ एक जगह हड्डियों का पंजर था। उसे देखकर उन्होंने अपनी-अपनी विद्या की परीक्षा लेने का निश्चय किया। उनमें से एक ने हड्डियों को सही ढंग से एक स्थान पर एकत्रित कर दिया। वास्तव में ये हड्डियाँ एक मरे हुए शेर की थीं।

दूसरे ने बड़े कौशल से हड्डियों के पंजर पर मांस एवं खाल का अवरण चढ़ा दिया। उनमें उसमें रक्त का संचार भी कर दिया। तीसरा उसमें प्राण डालकर उसे जीवित करने ही वाला था कि चौथे भाई ने उसको रोकते हुए कहा, ‘तुमने अपनी विद्या से यदि इसे जीवित कर दिया तो यह हम सभी को जान से मार देगा।’

तीसरे भाई ने कहा, ‘तू तो मूर्ख है!’मैं अपनी विद्या का प्रयोग अवश्य करुँगा और उसका फल भी देखूँगा।’ चौथे भाई ने कहा, ‘तो फिर थोड़ी देर रुको। मैं इस पेड़ पर चढ़ जाऊँ, तब तुम अपनी विद्या का चमत्कार दिखाना।’ यह कहकर चौथा भाई पेड़ पर चढ़ गया।

तीसरे भाई ने अपनी विद्या के बल पर जैसे ही शेर में प्राणों का संचार किया, शेर तड़पकर उठा और उन पर टूट पड़ा। उसने पलक झपकते ही तीनों अभिमानी विद्वानों को मार डाला और गरजता हुआ चला गया। उसके दूर चले जाने पर चौथा भाई पेड़ से उतरकर रोता हुआ घर लौट आया। इसीलिए कहा गया है कि विद्या से बुद्धि श्रेष्ठ होती है।

 

 बिजली और तूफान की कहानी

 बहुत समय पहले बिजली और तूफान धरती पर मनुष्यों के बीच रहा करते थे। राजा ने उन्हें मनुष्यों की बस्ती से दूर रखा था।
बिजली तूफान की बेटी थी। जब कभी किसी बात पर बिजली नाराज हो उठती, वह तड़प कर किसी के घर पर गिरती और उसे जला देती या किसी पेड़ को राख कर देती, या खेत की फसल नष्ट कर देती। मनुष्य को भी वह अपनी आग से जला देती थी।
जब-जब बिजली ऐसा करती, उसके पिता तूफान गरज-गरजकर उसे रोकने की चेष्टा करते। किंतु बिजली बड़ी ढीठ थी। वह पिता का कहना बिलकुल नहीं मानती थी। यहाँ तक कि तूफान का लगातार गरजना मनुष्यों के लिए सिरदर्द हो उठा। उसने जाकर राजा से इसकी शिकायत की।

राजा को उसकी शिकायत वाजिब लगी। उन्होंने तूफान और उसकी बेटी बिजली को तुरंत शहर छोड़ देने की आज्ञा दी और बहुत दूर जंगलों में जाकर रहने को कहा।
किंतु इससे भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बिजली जब नाराज होती, जंगल के पेड़ जला डालती। कभी-कभी पास के खेतों का भी नुकसान कर डालती। मनुष्य को यह भी सहन न हुआ। उसने फिर राजा से शिकायत की।
राजा बेहद नाराज हो उठा। उसने तूफान और बिजली को धरती से निकाल दिया और उन्हें आकाश में रहने की आज्ञा दी, जहाँ से वे मनुष्य का उतना नुकसान नहीं कर सकते थे जितना की धरती पर रहकर करते थे।
क्रोध का फल बुरा होता है।

 

 सूअर और लड़के

 दो शहरी लड़के रास्ता भूल गए। अँधेरा बढ़ रहा था, अतः मजबूरन उन्हें एक सराय में रुकना पड़ा।
आधी रात को एकाएक उनकी नींद उचट गई। उन्होंने पास के कमरे से आती हुई एक आवाज को सुना—‘कल सुबह एक हंडे में पानी खौला देना। मैं उन दोनों बच्चों का वध करना चाहता हूँ।’’
दोनों लड़कों का खून जम गया।
‘हे भगवान !’ वे बुदबुदाए, ‘इस सराय का मालिक तो हत्यारा है !’’ तुरंत उन्होंने वहाँ से भाग जाने का निश्चय किया। कमरे की खिड़की से वे बाहर कूद गए। पर बार पहुँचकर उन्होंने पाया कि बाहर दरवाजे पर ताला लगा हुआ है। अंत में उन्होंने सुअरों के बाड़े में छिपने का निर्णय किया।

रात भर उन्होंने जागते हुए बिताई। सुबह सराय का मालिक सुअरों के बाड़े में आया। बड़ा सा छुरा तेज किया और पुकारा—‘‘आ जाओ मेरे प्यारे बच्चों, तुम्हारा आखिरी वक्त आ पहुँचा है !’’
दोनों लड़के भय से काँपते हुए सराय के मालिक के पैरों पर गिर पड़े और गिड़गिड़ाने लगे।
सराय का मालिक यह देखकर चकित रह गया। फिर पूछा, ‘‘बात क्या है ?’’
‘‘हमने रात में आपको किसी से कहते सुना था कि सुबह आप हमें मौत के घाट उतारने वाले हैं।’’ लड़कों ने जवाब दिया।
सराय का मालिक यह सुनकर हँसा, ‘‘बेवकूफ लड़कों ! मैं तुम लोगों के बारे में नहीं कह रहा था। मैंने तो दो नन्हें सूअरों के बारे में कहा था, जिन्हें मैं इसी तरह पुकारता हूँ।’’
पूरी बात जाने बिना दूसरों की बातों पर कभी कान नहीं देने चाहिए।

 

 click here for more stories

 Motivational story

 story' of punchtantra 

Moral story for school kid

Labels: , , , , , ,

Best 40 Animal's puzzles, (पशु-पक्षियों की पहेलियाँ )

Hindi paheliyan with Answers :-

दोस्तों  अगर आप ढूंढ रहे है  latest collection of Hindi Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Puzzles, puzzles with Answer, Hindi Puzzles , math riddles,fruit riddles, math puzzles with Answer, math puzzles , whatsapp puzzles , whatsapp, riddles.

Best 40 Animal's puzzles, (पशु-पक्षियों की पहेलि,याँ animal puzzles, (पशु-पक्षियों की पहेलियाँ ),  pashu-pakshiyon kee paheliyaan, 🐦 bird's Riddles, best Animal's Riddles, top 40 Hindi paheliyan.

पशु-पक्षियों की पहेलियाँ 1


 1. जंगल में हो या पिंजरे में,

 रौब सदा दिखलाता,

 मांसाहारी भोजन जिसका,

 वनराजा कहलाता...

 2. गोल-गोल हैं जिसकी आंखें,

 भाता नहीं उजाला,

 दिन में सोता रहता हरदम,

 रात विचरने वाला...

 3. हमने देखा अजब अचम्भा,

 पैर हैं जैसे कोई खम्भा,

 थुलथुल काया, बड़े हैं कान,

 सूंड इसकी होती पहचान...

 4. सरस्वती की सफ़ेद सवारी,

 मोती जिनको भाते,,

 करते अलग दूध से पानी,

 बोलो कौन कहाते...

 5. कान बड़े हैं, काया छोटी,

 कोमल-कोमल बाल,

 चौकस इतना पकड़ सके न,

 बड़ी तेज़ है चाल...

 6. राग सुरीली रंग से काली,

 सबके मन को भाती,

 बैठ पेड़ की डाली पर जो,

 मीठे गीत सुनाती...

 7. सुबह-सवेरे घर की छत पर,

 करता कांव-कांव,

 काले रंग में रंगा है पंछी,

 मिलता गांव-गांव...

 8. कुकडूं-कूं जो बोला करता,

 सबको सुबह जगाता,

 सर पर लाल कलंगी वाला,

 गांव घड़ी कहलाता...

 9. नर पंछी नारी से सुन्दर,

 वर्षा में नाच दिखाता,

 मनमोहक कृष्ण को प्यारा,

 राष्ट्र पक्षी कहलाता...

 10. हरी ड्रेस और लाल चोंच है,

 रटना जिसका काम,

 कुतर-कुतरकर फल खाता है,

 लेता हरि का नाम...

 Answer

 1. शेर

 2. उल्लू

 3. हाथी

 4. हंस

 5. खरगोश

 6. कोयल

 7. कौवा

 8. मुर्गा

 9. मोर

 10. तोता

 

 पशु-पक्षियों की पहेलियाँ 2


1. गले में कम्बल, पीठ पर थुथनी,

रखती है थन चार,

दूध, घी और देती बछड़ा,

करते हम सब प्यार...

2. बोझा ढोता है जो दिन भर,

करता नहीं पुकार,

मालिक दो होते हैं जिसके,

धोबी और कुम्हार...

3. चोरों पर जो झपटा करता,

घर का है रखवाला,

इसकी भौं-भौं से डर जाता,

चाहे हो दिलवाला...

4. लम्बी गर्दन, पीठ पर कूबड़,

घड़ों पानी पी जाए,

टीलों पर जो सरपट दौड़े,

मरुथल जहाज़ कहाए...

5. तांगा, बग्घी, रथ चलाते,

मन करे तो हिनहिनाते,

चने चाव से खाते हैं,

खड़े-खड़े सो जाते हैं...

6. टर्र-टर्र जो टर्राते हैं,

जैसे गीत सुनाते,

जब ये जल में तैरा करते,

पग पतवार बनाते...

7. चर-चर करती, शोर मचाती,

पेड़ों पर चढ़ जाती,

काली पत्तियां तीन पीठ पर,

कुतर-कुतर फल खाती...

8. छोटे तन में गांठ लगी है,

करे जो दिन भर काम,

आपस में जो हिलमिल रहती,

नहीं करती आराम...

9. पानी में ख़ुश रहता हरदम,

धीमी जिसकी चाल,

ख़तरा पाकर सिमट जाए झट,

बन जाता खुद ढाल...

10. छत से लटकी मिल जाती है,

छह पग वाली नार,

बुने लार से मलमल जैसे,

कपड़े जालीदार...

Answer

1. गाय

2. गधा

3. कुत्ता

4. ऊंट

5. घोड़ा

6. मेंढक

7. गिलहरी

8. चींटी

9. कछुआ

10. मकड़ी



पशु-पक्षियों की पहेलियाँ 3


 1. पानी में ख़ुश रहता हरदम,

 धीमी जिसकी चाल,

 ख़तरा पाकर सिमट जाए झट,

 बन जाता खुद ढाल...

 2. चर-चर करती, शोर मचाती,

 पेड़ों पर चढ़ जाती,

 काली पत्तियां तीन पीठ पर,

 कुतर-कुतर फल खाती...

 3. तांगा, बग्घी, रथ चलाते,

 मन करे तो हिनहिनाते,

 चने चाव से खाते हैं,

 खड़े-खड़े सो जाते हैं...

 4. चोरों पर जो झपटा करता,

 घर का है रखवाला,

 इसकी भौं-भौं से डर जाता,

 चाहे हो दिलवाला...

 5. गले में कम्बल, पीठ पर थुथनी,

 रखती है थन चार,

 दूध, घी और देती बछड़ा,

 करते हम सब प्यार...

 छत से लटकी मिल जाती है,

 छह पग वाली नार,

 बुने लार से मलमल जैसे,

 कपड़े जालीदार...

 6. छोटे तन में गांठ लगी है,

 करे जो दिन भर काम,

 आपस में जो हिलमिल रहती,

 नहीं करती आराम...

 7. टर्र-टर्र जो टर्राते हैं,

 जैसे गीत सुनाते,

 जब ये जल में तैरा करते,

 पग पतवार बनाते...

 8. लम्बी गर्दन, पीठ पर कूबड़,

 घड़ों पानी पी जाए,

 टीलों पर जो सरपट दौड़े,

 मरुथल जहाज़ कहाए...

 9. बोझा ढोता है जो दिन भर,

 करता नहीं पुकार,

 मालिक दो होते हैं जिसके,

 धोबी और कुम्हार...

 10. जंगल में हो या पिंजरे में,

 रौब सदा दिखलाता,

 मांसाहारी भोजन जिसका,

 वनराजा कहलाता...

 Answer

 1. कछुआ

 2. गिलहरी

 3. घोड़ा

 4. कुत्ता

 5. गाय

 5. मकड़ी

 6. चींटी

 7. मेंढक

 8. ऊंट

 9. गधा

 10. शेर



पशु-पक्षियों की पहेलियाँ 4


1. हमने देखा अजब अचम्भा,

पैर हैं जैसे कोई खम्भा,

थुलथुल काया, बड़े हैं कान,

सूंड इसकी होती पहचान...

2. कान बड़े हैं, काया छोटी,

कोमल-कोमल बाल,

चौकस इतना पकड़ सके न,

बड़ी तेज़ है चाल...

3. सुबह-सवेरे घर की छत पर,

करता कांव-कांव,

काले रंग में रंगा है पंछी,

मिलता गांव-गांव...

4. नर पंछी नारी से सुन्दर,

वर्षा में नाच दिखाता,

मनमोहक कृष्ण को प्यारा,

राष्ट्र पक्षी कहलाता...

5. गोल-गोल हैं जिसकी आंखें,

भाता नहीं उजाला,

दिन में सोता रहता हरदम,

रात विचरने वाला...

7. सरस्वती की सफ़ेद सवारी,

मोती जिनको भाते,,

करते अलग दूध से पानी,

बोलो कौन कहाते...

8. कुकडूं-कूं जो बोला करता,

सबको सुबह जगाता,

सर पर लाल कलंगी वाला,

गांव घड़ी कहलाता...

9. हरी ड्रेस और लाल चोंच है,

रटना जिसका काम,

कुतर-कुतरकर फल खाता है,

लेता हरि का नाम...

10. राग सुरीली रंग से काली,

सबके मन को भाती,

बैठ पेड़ की डाली पर जो,

मीठे गीत सुनाती...

Answer

1. हाथी

2. खरगोश

3. कौवा

4. मोर

6. उल्लू

7. हंस

8. मुर्गा

9. तोता

10. कोयल


Labels: , , , , , , ,

26 April 2022

WhatsApp Puzzle :- Guess the Animals name Puzzle

WhatsApp Puzzle :- Guess the Animals name Puzzle

दोस्तों  अगर आप ढूंढ रहे है  latest collection of Hindi Paheliyan with Answer, Hindi riddles, Paheliyan in Hindi with Answer, हिंदी पहेलियाँ उत्तर के साथ, Funny Paheli in Hindi with Answer, Saral Hindi Paheli with answers, Tough Hindi Puzzles, puzzles with Answer, Hindi Puzzles , math riddles,fruit riddles, math puzzles with Answer, math puzzles , whatsapp puzzles , whatsapp, riddles.

WhatsApp Puzzle :- Guess the Animals name Puzzle

Answer :-

  1. Monkey
  2. No clue
  3. Horse
  4. Cat
  5. Mouse
  6. No lue
  7. Lion
  8. Fox
  9. No clue
  10. Sheep
  11. Rabbit
  12. Cow
  13. Camel
  14. Rat
  15. No clue
  16. No clue
  17. Buffalo
  18. Donkey

 click here for more paheli and riddles

 

 

 

Motivational Hindi stories :- धोखेबाज का अंत,चतुराई से कठिन काम भी संभव,बल से बड़ी बुद्धि,लोभ का फल कड़वा,चंचलता से बुद्धि का नाश

Motivational story in Hindi

Motivational Hindi stories :- धोखेबाज का अंत,चतुराई से कठिन काम भी संभव,बल से बड़ी बुद्धि,लोभ का फल कड़वा,चंचलता से बुद्धि का नाश

 

धोखेबाज का अंत

 किसी स्थान पर एक बहुत बड़ा तालाब था। वहीं एक बूढ़ा बगुला भी रहता था। बुढ़ापे के कारण वह कमजोर हो गया था। इस कारण मछलियाँ पकड़ने में असमर्थ था। वह तालाब के किनारे बैठकर, भूख से व्याकुल होकर आँसू बहाता रहता था।

एक बार एक केकड़ा उसके पास आया। बगुले को उदास देखकर उसने पूछा, ‘मामा, तुम रो क्यों रहे हो? क्या तुमने आजकल खाना-पीना छोड़ दिया है?..अचानक यह क्या हो गया?’ बगुले ने बताया- ‘पुत्र, मेरा जन्म इसी तालाब के पास हुआ था। यहीं मैंने इतनी उम्र बिताई। अब मैंने सुना है कि यहाँ बारह वर्षों तक पानी नहीं बरसेगा।’ केकड़े ने पूछा, ‘तुमसे ऐसा किसने कहा है?’

बगुले ने कहा- ‘मुझे एक ज्योतिषी ने यह बात बताई है। इस तालाब में पानी पहले ही कम है। शेष पानी भी जल्दी ही सूख जाएगा। तालाब के सूख जाने पर इसमें रहने वाले प्राणी भी मर जाएँगे। इसी कारण मैं परेशान हूँ।’

बगुले की यह बात केकड़े ने अपने साथियों को बताई। वे सब बगुले के पास पहुँचे। उन्होंने बगुले से पूछा-‘मामा, ऐसा कोई उपाय बताओ, जिससे हम सब बच सकें।’ बगुले ने बताया-‘यहां से कुछ दूर एक बड़ा सरोवर है। यदि तुम लोग वहाँ जाओ तो तुम्हारे प्राणों की रक्षा हो सकती है।’ सभी ने एक साथ पूछा-‘हम उस सरोवर तक पहुँचेंगे कैसे?’ चालाक बगुले ने कहा-‘मैं तो अब बूढ़ा हो गया हूँ। तुम लोग चाहो तो मैं तुम्हें पीठ पर बैठाकर उस तालाब तक ले जा सकता हूँ।’

सभी बगुले की पीठ पर चढ़कर दूसरे तालाब में जाने के लिए तैयार हो गए। दुष्ट बगुला प्रतिदिन एक मछली को अपनी पीठ पर चढ़ाकर ले जाता और शाम को तालाब पर लौट आता। इस प्रकार उसकी भोजन की समस्या हल हो गई। एक दिन केकड़े ने कहा-‘मामा, अब मेरी भी तो जान बचाइए।’ बगुले ने सोचा कि मछलियाँ तो वह रोज खाता है। आज केकड़े का मांस खाएगा। ऐसा सोचकर उसने केकड़े को अपनी पीठ पर बैठा लिया। उड़ते हुए वह उस बड़े पत्थर पर उतरा, जहाँ वह हर दिन मछलियों को खाया करता था।

केकड़े ने वहाँ पर पड़ी हुई हड्डियों को देखा। उसने बगुले से पूछा-‘मामा, सरोवर कितनी दूर है? आप तो थक गए होंगे।’ बगुले ने केकड़े को मूर्ख समझकर उत्तर दिया-‘अरे, कैसा सरोवर! यह तो मैंने अपने भोजन का उपाय सोचा था। अब तू भी मरने के लिए तैयार हो जा। मैं इस पत्थर पर बैठकर तुझे खा जाऊँगा।’ इतना सुनते ही केकड़े ने बगुले की गर्दन जकड़ ली और अपने तेज दाँतों से उसे काट डाला। बगुला वहीं मर गया।

केकड़ा किसी तरह धीरे-धीरे अपने तालाब तक पहुँचा। मछलियों ने जब उसे देखा तो पूछा-‘अरे, केकड़े भाई, तुम वापस कैसे आ गए। मामा को कहाँ छोड़ आए? हम तो उनके इंतजार में बैठे हैं।’ यह सुनकर केकड़ा हँसने लगा। उसने बताया-‘वह बगुला महाठग था। उसने हम सभी को धोखा दिया। वह हमारे साथियों को पास की एक चट्टान पर ले जाकर खा जाता था। मैंने उस धूर्त्त बगुले को मार दिया है। अब डरने की कोई बात नहीं है। इसीलिए कहा गया है कि जिसके पास बुद्धि है, उसी के पास बल भी होता है।’

 

 चतुराई से कठिन काम भी संभव

 एक जंगल में महाचतुरक नामक सियार रहता था। एक दिन जंगल में उसने एक मरा हुआ हाथी देखा। उसकी बांछे खिल गईं। उसने हाथी के मृत शरीर पर दांत गड़ाया पर चमड़ी मोटी होने की वजह से, वह हाथी को चीरने में नाकाम रहा।

वह कुछ उपाय सोच ही रहा था कि उसे सिंह आता हुआ दिखाई दिया। आगे बढ़कर उसने सिंह का स्वागत किया और हाथ जोड़कर कहा, “स्वामी आपके लिए ही मैंने इस हाथी को मारकर रखा है, आप इस हाथी का मांस खाकर मुझ पर उपकार कीजिए।” सिंह ने कहा, “मैं तो किसी के हाथों मारे गए जीव को खाता नहीं हूं, इसे तुम ही खाओ।”

सियार मन ही मन खुश तो हुआ पर उसकी हाथी की चमड़ी को चीरने की समस्या अब भी हल न हुई थी।

थोड़ी देर में उस तरफ एक बाघ आ निकला। बाघ ने मरे हाथी को देखकर अपने होंठ पर जीभ फिराई। सियार ने उसकी मंशा भांपते हुए कहा, “मामा आप इस मृत्यु के मुंह में कैसे आ गए? सिंह ने इसे मारा है और मुझे इसकी रखवाली करने को कह गया है।

एक बार किसी बाघ ने उनके शिकार को जूठा कर दिया था तब से आज तक वे बाघ जाति से नफरत करने लगे हैं। आज तो हाथी को खाने वाले बाघ को वह जरुर मार गिराएंगे।”

यह सुनते ही बाघ वहां से भाग खड़ा हुआ। पर तभी एक चीता आता हुआ दिखाई दिया। सियार ने सोचा चीते के दांत तेज होते हैं। कुछ ऐसा करूं कि यह हाथी की चमड़ी भी फाड़ दे और मांस भी न खाए।

उसने चीते से कहा, “प्रिय भांजे, इधर कैसे निकले? कुछ भूखे भी दिखाई पड़ रहे हो।” सिंह ने इसकी रखवाली मुझे सौंपी है, पर तुम इसमें से कुछ मांस खा सकते हो। मैं जैसे ही सिंह को आता हुआ देखूंगा, तुम्हें सूचना दे दूंगा, तुम सरपट भाग जाना”।

पहले तो चीते ने डर से मांस खाने से मना कर दिया, पर सियार के विश्वास दिलाने पर राजी हो गया।

चीते ने पलभर में हाथी की चमड़ी फाड़ दी। जैसे ही उसने मांस खाना शुरू किया कि दूसरी तरफ देखते हुए सियार ने घबराकर कहा, “भागो सिंह आ रहा है”। इतना सुनना था कि चीता सरपट भाग खड़ा हुआ। सियार बहुत खुश हुआ। उसने कई दिनों तक उस विशाल जानवर का मांस खाया।

सिर्फ अपनी सूझ-बूझ से छोटे से सियार ने अपनी समस्या का हल निकाल लिया। इसीलिए कहते हैं कि बुद्धि के प्रयोग से कठिन से कठिन काम भी संभव हो जाता है।

 

 बल से बड़ी बुद्धि

 एक गुफा में एक बड़ा ताकतवर शेर रहता था। वह प्रतिदिन जंगल के अनेक जानवरों को मार डालता था। उस वन के सारे जानवर उसके डर से काँपते रहते थे। एक बार जानवरों ने सभा की। उन्होंने निश्चय किया कि शेर के पास जाकर उससे निवेदन किया जाए। जानवरों के कुछ चुने हुए प्रतिनिधि शेर के पास गए। जानवरों ने उसे प्रणाम किया।

फिर एक प्रतिनिधि ने हाथ जोड़कर निवेदन किया, ‘आप इस जंगल के राजा है। आप अपने भोजन के लिए प्रतिदिन अनेक जानवरों को मार देते हैं, जबकि आपका पेट एक जानवर से ही भर जाता है।’

शेर ने गरजकर पूछा-‘तो मैं क्या कर सकता हूँ?’

सभी जानवरों में निवेदन किया, ‘महाराज, आप भोजन के लिए कष्ट न करें। आपके भोजन के लिए हम स्वयं हर दिन एक जानवर को आपकी सेवा में भेज दिया करेंगे। आपका भोजन हरदिन समय पर आपकी सेवा से पहुँच जाया करेगा

शेर ने कुछ देर सोचा और कहा-‘यदि तुम लोग ऐसा ही चाहते हो तो ठीक है। किंतु ध्यान रखना कि इस नियम में किसी प्रकार की ढील नहीं आनी चाहिए।’

इसके बाद हर दिन एक पशु शेर की सेवा में भेज दिया जाता। एक दिन शेर के पास जाने की बारी एक खरगोश की आ गई। खरगोश बुद्धिमान था।

उसने मन-ही मन सोचा- ‘अब जीवन तो शेष है नहीं। फिर मैं शेर को खुश करने का उपाय क्यों करुँ? ऐसा सोचकर वह एक कुएँ पर आराम करने लगा। इसी कारण शेर के पास पहुँचने में उसे बहुत देर हो गई।’

खरगोश जब शेर के पास पहुँचा तो वह भूख के कारण परेशान था। खरगोश को देखते ही शेर जोर से गरजा और कहा, ‘एक तो तू इतना छोटा-सा खरगोश है और फिर इतनी देर से आया है। बता, तुझे इतनी देर कैसे हुई?’

खरगोश बनावटी डर से काँपते हुए बोला- ‘महाराज, मेरा कोई दोष नहीं है। हम दो खरगोश आपकी सेवा के लिए आए थे। किंतु रास्ते में एक शेर ने हमें रोक लिया। उसने मुझे पकड़ लिया।’

मैंने उससे कहा- ‘यदि तुमने मुझे मार दिया तो हमारे राजा तुम पर नाराज होंगे और तुम्हारे प्राण ले लेंगे।’ उसने पूछा-‘कौन है तुम्हारा राजा?’ इस पर मैंने आपका नाम बता दिया।

यह सुनकर वह शेर क्रोध से भर गया। वह बोला, ‘तुम झूठ बोलते हो।’ इस पर खरगोश ने कहा, ‘नहीं, मैं सच कहता हूँ तुम मेरे साथी को बंधक रख लो। मैं अपने राजा को तुम्हारे पास लेकर आता हूँ।’
खरगोश की बात सुनकर दुर्दांत शेर का क्रोध बढ़ गया। उसने गरजकर कहा, ‘चलो, मुझे दिखाओ कि वह दुष्ट कहाँ रहता है?’

खरगोश शेर को लेकर एक कुँए के पास पहुँचा। खरगोश ने चारों ओर देखा और कहा, महाराज, ऐसा लगता है कि आपको देखकर वह शेर अपने किले में घुस गया।’

शेर ने पूछा, ‘कहां है उसका किला?’ खरगोश ने कुएँ को दिखाकर कहा, ‘महाराज, यह है उस शेर का किला।’

खरगोश स्वयं कुएँ की मुँडेर पर खड़ा हो गया। शेर भी मुँडेर पर चढ़ गया। दोनों की परछाई कुएँ के पानी में दिखाई देने लगी। खरगोश ने शेर से कहा, ‘महाराज, देखिए। वह रहा मेरा साथी खरगोश। उसके पास आपका शत्रु खड़ा है।’

शेर ने दोनों को देखा। उसने भीषण गर्जन किया। उसकी गूँज कुएँ से बाहर आई। बस, फिर क्या था! देखते ही देखते शेर ने अपने शत्रु को पकड़ने के लिए कुएँ में छलाँग लगा दी और वहीं डूबकर मर गया।

 

लोभ का फल कड़वा

किसी नगर में हरिदत्त नाम का एक ब्राह्मण निवास करता था। उसकी खेती साधारण ही थी, अतः अधिकांश समय वह खाली ही रहता था। एक बार ग्रीष्म ऋतु में वह इसी प्रकार अपने खेत पर वृक्ष की शीतल छाया में लेटा हुआ था।

सोए-सोए उसने अपने समीप ही सर्प का बिल देखा, उस पर सर्प फन फैलाए बैठा था। उसको देखकर वह ब्राह्मण विचार करने लगा कि हो-न-हो, यही मेरे क्षेत्र का देवता है। मैंने कभी इसकी पूजा नहीं की। अतः मैं आज अवश्य इसकी पूजा करूंगा।

यह विचार मन में आते ही वह उठा और कहीं से जाकर दूध मांग लाया। उसे उसने एक मिट्टी के बरतन में रखा और बिल के समीप जाकर बोला, “हे क्षेत्रपाल! आज तक मुझे आपके विषय में मालूम नहीं था, इसलिए मैं किसी प्रकार की पूजा-अर्चना नहीं कर पाया। आप मेरे इस अपराध को क्षमा कर मुझ पर कृपा कीजिए और मुझे धन-धान्य से समृद्ध कीजिए।” इस प्रकार प्रार्थना करके उसने उस दूध को वहीं पर रख दिया और फिर अपने घर को लौट गया।

दूसरे दिन प्रातःकाल जब वह अपने खेत पर आया तो सर्वप्रथम उसी स्थान पर गया। वहां उसने देखा कि जिस बरतन में उसने दूध रखा था उसमें एक स्वर्णमुद्रा रखी हुई है। उसने उस मुद्रा को उठाकर रख लिया। उस दिन भी उसने उसी प्रकार सर्प की पूजा की और उसके लिए दूध रखकर चला गया। अगले दिन प्रातःकाल उसको फिर एक स्वर्णमुद्रा मिली।

इस प्रकार अब नित्य वह पूजा करता और अगले दिन उसको एक स्वर्णमुद्रा मिल जाया करती थी। कुछ दिनों बाद उसको किसी कार्य से अन्य ग्राम में जाना पड़ा। उसने अपने पुत्र को उस स्थान पर दूध रखने का निर्देश दिया। तदानुसार उस दिन उसका पुत्र गया और वहां दूध रख आया। दूसरे दिन जब वह पुनः दूध रखने के लिए गया तो देखा कि वहां स्वर्णमुद्रा रखी हुई है।

उसने उस मुद्रा को उठा लिया और वह मन ही मन सोचने लगा कि निश्चित ही इस बिल के अंदर स्वर्णमुद्राओं का भण्डार है। मन में यह विचार आते ही उसने निश्चय किया कि बिल को खोदकर सारी मुद्राएं ले ली जाएं।

सर्प का भय था। किन्तु जब दूध पीने के लिए सर्प बाहर निकला तो उसने उसके सिर पर लाठी का प्रहार किया। इससे सर्प तो मरा नहीं और इस प्रकार से क्रुद्ध होकर उसने ब्राह्मण-पुत्र को अपने विषभरे दांतों से काटा कि उसकी तत्काल मृत्यु हो गई। उसके सम्बधियों ने उस लड़के को वहीं उसी खेत पर जला दिया। कहा भी जाता है लालच का फल कभी मीठा नहीं होता है।

 

चंचलता से बुद्धि का नाश

 किसी तालाब में कम्बुग्रीव नामक एक कछुआ रहता था। तालाब के किनारे रहने वाले संकट और विकट नामक हंस से उसकी गहरी दोस्ती थी। तालाब के किनारे तीनों हर रोज खूब बातें करते और शाम होने पर अपने-अपने घरों को चल देते।

एक वर्ष उस प्रदेश में जरा भी बारिश नहीं हुई। धीरे-धीरे वह तालाब भी सूखने लगा। अब हंसों को कछुए की चिंता होने लगी।
जब उन्होंने अपनी चिंता कछुए से कही तो कछुए ने उन्हें चिंता न करने को कहा। उसने हंसों को एक युक्ति बताई। उसने उनसे कहा कि सबसे पहले किसी पानी से लबालब तालाब की खोज करें फिर एक लकड़ी के टुकड़े से लटकाकर उसे उस तालाब में ले चलें।

उसकी बात सुनकर हंसों ने कहा कि वह तो ठीक है पर उड़ान के दौरान उसे अपना मुंह बंद रखना होगा। कछुए ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह किसी भी हालत में अपना मुंह नहीं खोलेगा।

कछुए ने लकड़ी के टुकड़े को अपने दांत से पकड़ा फिर दोनो हंस उसे लेकर उड़ चले। रास्ते में नगर के लोगों ने जब देखा कि एक कछुआ आकाश में उड़ा जा रहा है तो वे आश्चर्य से चिल्लाने लगे। लोगों को अपनी तरफ चिल्लाते हुए देखकर कछुए से रहा नहीं गया।

वह अपना वादा भूल गया। उसने जैसे ही कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोला कि आकाश से गिर पड़ा। ऊंचाई बहुत ज्यादा होने के कारण वह चोट झेल नहीं पाया और अपना दम तोड़ दिया। इसीलिए कहते हैं कि बुद्धिमान भी अगर अपनी चंचलता पर काबू नहीं रख पाता है तो परिणाम काफी बुरा होता है।

 

ऐसे ही मजेदार पोस्ट के लिए यहां क्लिक करें :- 

Labels: , , , ,