18 August 2023

100+ नानी की पहेलियां, (Nani ki paheliya)

  पहेलियाँ भी हमारे लोक साहित्य का एक अभिन्न अंग हैं, बहुत सी पहेलियाँ कहावतों के रूप में भी प्रयोग होती हैं, पुरानी पहेलियाँ जिन चीजों पर बनाई गई हैं उन में से बहुत सी चीजें आजकल की पीढ़ियों ने देखी ही नहीं हैं ( जैसे कुम्हार का चाक, चरखा, डोली, फूट नाम का फल, चूल्हा आदि) इसलिए उन को इन पहेलियों में रूचि उत्पन्न नहीं होती. लेकिन कहावतों की भांति इन पहेलियों को भी संरक्षित किया जाना आवश्यक है. पहेलियों में पुल्लिंग चीजों को नर और स्त्रीलिंग चीजों को नारी या तिरिया कहा गया है ||

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एक नार जो औषध खाए, जिस पर थूके वह मर जाए, जब जब नर उसे छाती लगाए, तब तब वो काना हो जाए। 

उत्तर- बन्दूक (निशाना लगाते समय एक आँख बंद कर लेते है)


एक नार दो सींगो से, नित उठ खेले धींगों से, जाके द्वार जाय के अड़े, मानुस लिये बिना नहिं टले|

उत्तर - डोली


एक नार ने अचरज किया, सांप मार पिंजरे में दिया, ज्यों ज्यों सांप ताल को खाए, सूखे ताल सांप मर जाए |

उत्तर – दिया और बत्ती


एक नार नौरंगी चंगी छै नाड़े लटकावे लोगों के संग जुआ खेले फिर भी नार कहावे !

उत्तर – तराजू


एक नार पिया को भानी, तन बाको सगरा ज्यों पानी, आब रहे पर पानी नांही, पिया को राखे हिरदय मांही, जब पी को वह मुख दिखलावे, आपहि पी जैसी हो जावे

उत्तर- आईना


एक नार बहुरंगी, घर से निकले नंगी, उस नारी का इहै सुभाव, जिस को चूमे कर दे घाव !

 उत्तर – तलवार


एक पड़ी, एक खड़ी, एक छमाछम नाच रही !

उत्तर – कचौड़ी


एक पहेली सदा नवेली, लगा अक्ल में फंदा, जिन्दे में से मुर्दा निकले, मुर्दे में से जिंदा !

उत्तर – मुर्गी और अंडा


एक पुरुख और नौलख नारी, सेज चढ़ी वह तिरिया सारी, जले पुरुख देखे संसार, इन तिरियों का यही सिंगार 

उत्तर – कुम्हार का आवा, ईंट का भट्टा


एक पुरुख ने ऐसी करी, खूंटी ऊपर खेती करी, खेती बारी दई जलाय, वाई के ऊपर बैठा खाय. 

उत्तर-कुम्हार


एक पुरुख बहुत गुन भरा, लेटा जागै सोवे खड़ा, उलटा होकर डाले बेल, यह देखो करता का खेल. 

उत्तर- चरखा


एक पुरुष का अचरज लेखा, मोती फलते आँखों देखा, जहाँ से उपजे वहाँ समाय, जो फल गिरे सो जल-जल जाए। 

उत्तर- फव्वारा


एक पेड़ रेती में होवे, बिन पानी के हरा रहे, पानी दीजे वो जल जाए, आँख लगे अंधा हो जाए. 

उत्तर – आक


एक पेड़ सरकउआ, जिस पे चील बैठे न कउआ. 

उत्तर – धुआं


एक बुढ़िया शैतान की खाला, सिर सफेद औ मुहँ है काला, लौंडे घेरे हैं वह नार, रखते हैं सब उससे प्यार, उछले कूदे नाचे वो, आग लगे उस बुढ़भस को

उतर - आक की बुढ़िया


एक मंदिर के सहस्त्र दर, हर दर में तिरिया का घर, बीच में वाके अमृत ताल, बूझ पहेली मेरे लाल

उतर - मधुमक्खी का छत्ता


एक महल के दो दरवाजे, निकले काजी धैं दे मारे  

 उत्तर – नाक से निकली रैंट


एक राजा की अनोखी रानी, नीचे से वह पीवे पानी

 उत्तर- दिए की बत्ती


एक शहर जादू का देखा, जिसे देख कर हुए परेखा, ईंटें हैं पर नहीं मकान, राजा रानी नहीं दीवान, इक्के तांगे नहीं कोचवान, बिना तमोली बिकते पान, सारा शहर लगे सुनसान, जिसको देखो है बेजान

उत्तर – ताश


एक सींग की ऐसी गाय, जितना दो उतना हीं खाए, खाते खाते गाना गाए, पेट नहीं उसका भर पाए

उत्तर – आटा चक्की


ओइ की रोटी ओइ की दार, ओइ की टटिया लगी दुआर.

 उत्तर – चना


कटोरे में कटोरा, बेटा बाप से भी गोरा

उत्तर – नारियल


काजल की कजलौटी उधो, पेड़न का सिंगार, हरी डाल पर मैना बैठी, है कोई बूझनहार। 

उत्तर- जामुन


काला घोड़ा, सफेद सवारी, एक उतरा तो दूजे की बारी.

 उत्तर – तवा और रोटी


काली काली मां लाल लाल बच्चे, जहाँ जाए माँ वहाँ जाएं बच्चे

उत्तर – पुरानी वाली रेलगाड़ी


काली हूँ मैं काली हूँ, काले वन में रहती हूँ, लाल पानी पीती हूं 

उत्तर – जूँ


खेत में उपजे सब कोई खाय, घर में उपजे घर खा जाय

उत्तर – फूट नाम का फल


गोरी सुन्दर पातली, केहर काले रंग, ग्यारह देवर छोड़ कर, चली जेठ के संग

उत्तर- अरहर की दाल


घिस पांव घिस पांव, तीन सर दस पांव

उत्तर – बैलगाड़ी और चालक 


चाची के दो कान चचा के कानहिं नाए, चाची चतुर सुजान चचा कुछ जानहिं नाए

उत्तर – कढ़ाई और तवा


चाम मांस वाके नहीं नेक, हाड़-हाड़ में वाके छेद, मोहि अचंभो आवत ऐसे, वामे जीव बसत है कैसे

उत्तर – पिंजड़ा


चार अंगुल का पेड़, सवा मन का पत्ता, फल लागे अलग अलग, पक जाए इकट्ठा

उत्तर- कुम्हार की चाक


चार खड़े चार पड़े एक एक मुंह में दो दो अड़े

उत्तर – खाट, चारपाई


चार नरम चार गरम चार बालूशाही

उत्तर – चार ऋतुएं


चोर जीव निर्जीव पहरुआ, चोरी हो गई चीज, चोर भीतर न आया. 

 उत्तर – सीता हरण


छोटा सा फकीर जिसके पेट में लकीर

उत्तर – गेहूँ


छोटी सी तिरिया बड़ी सी पूंछ, जहां जाए तिरिया वहां जाए पूंछ

उत्तर – सुई धागा


जब काटो तब ही बढ़े, बिन काटे कुम्हिलाय, ऐसी अद्भूत नार का, अंत न पायो जाय

 उत्तर- दिये की बाती

 

जरा सी हल्दी, सारे घर में मल दी

उत्तर – दीपक का प्रकाश


जल कर उपजे जल में रहे, आँखों देखा खुसरो कहें। 

उत्तर- काजल


जल से तरुवर उपजा एक, पात नहीं पर डाल अनेक, इस तरुवर की शीतल छाया, नीचे एक न बैठन पाया। 

उत्तर- फव्वारा


जा घर लाल बलैया जाय, ताके घर में दुंद मचाय, लाखन मन पानी पी जाए, धरा ढका सब घर का खाय

उत्तर- आग


ठंडा है तो काला, गरम है तो लाल, फेंको तो सफ़ेद, बोलो क्या है भेद

उत्तर – कोयला


तन्नक सी मन्नक सी हल्दी जैसी गांठ, चटाक चूमा ले गई, महा दुख दे गई

उत्तर – मधुमक्खी


तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर, आगे तीतर पीछे तीतर, बोलो कितने तीतर? 

उत्तर – तीन


तीन पांव के पोंगा पंडित, रोज नहाने जाते हैं, दाल भात का मरम न जानें, कच्ची रोटी खाते हैं

उत्तर – चकला


थल में पकड़े पैर तुम्हारे, जल में पकड़े हाथ, मुर्दा होकर भी रहता है, हर मानुस के साथ

उत्तर – जूता


दिन को सोये, रात को रोये, सब की खातिर, जीवन खोए

उत्तर – मोमबत्ती


दो किसान लड़ते जाएँ, खेती उन की बढती जाए. 

उत्तर – ऊन और सलाइयाँ


दो दौड़े, पांच ने उठाया, बत्तीस ने खाया, मजा एक को आया

उत्तर – दो पैर, पाँच उंगलियाँ, बत्तीस दांत और एक जीभ



दो पग चलें चार लटकाएं, तीन सीस दो नैना

उत्तर – श्रवण कुमार अपने अंधे माता पिता को ले जाते हुए


दो मुंह छोटे एक मुँह बड़ा, आधा मानुष लीले खड़ा, बीचो बीच लगाए फांसी, नाम बतावत आवे हांसी. 

उत्तर – पजामा


नर से पैदा होवे नार, हर कोई उससे राखे प्यार, सारी दुनिया उसको खावे, खुसरो पेट में वह न जावे। 

उत्तर- धूप


नारि जिनके संग विराजे लोचन जिनके तीन, जता जूट में लिपट गगन में रहते तप में लीन, सिद्ध हुए तब नर सेवा हित पाँव धरा पर धरते, सर तुड़वाते क्रोध न कर बदले में मेवा देते

उत्तर – नारियल


पट गोल गोल, पट स्याह स्याह, पट तौबा तौबा

उत्तर – काली मिर्च


पवन चलत वह देह बढ़ावे, जल पीवे वह जान गंवावे, है वह प्यारी सुन्दर नार, नार नहीं पर है वह नार

उत्तर – आग. (अरबी में आग को नार कहते हैं).


पांच पोते पोतेंगे, बत्तीस लोटे लोटेंगे, अंटो बाई नाचेंगी, घंटो बाबा फूलेंगे.

उत्तर – उंगलियाँ, दांत, जीभ और पेट


पानी में निस दिन रहे, जाके हाड़ न मांस, काम करे तलवार, का फिर पानी में बास

उत्तर – कुम्हार का डोरा


पानी से निकला रुख एक, पात नहीं पर डाल अनेक, अजब पेड़ की ठंडी छाया, नीचे कोई बैठ न पाया

उत्तर – फव्वारा


पीली तलैया पीले अंडे, बताओ तो बताओ नहीं तो पड़ेंगे डंडे

उत्तर – कढ़ी


बाँस बरेली से एक नारी, लाए जुल्मी मार कटारी, पी कुछ उसके कान में फूँके, वो भी पी के साथ में कूके

 उत्तर- बाँसुरी


बात की बात ठठोली की ठठोली, मरद की बाँह औरत ने खोली। 

उत्तर- ताला चाभी


बाबा बाबा बाजार जाना, खाने के लिए हलवा लाना, पीने के लिए शरबत लाना, चाबने के लिए चबेना लाना, बकरी के लिए चारा लाना. बाबा एक ही चीज लाए जिससे सब की फरमाइशें पूरी हो गईं. बताओ क्या

 उत्तर – तरबूज


बाबा बैठे जा घर में, पांव पसारे बा घर में

उत्तर – दीपक और उस का प्रकाश


भांत-भांत की दीखें नारी, नीर भरी है धौरी कारी, ऊपर बसे और जग धावे, रच्छा करे जब नीर बहावे

उत्तर- बदली


मखमल की डिबिया में सी सी के बीज. मिर्च
माटी का मटीलना लोहे का पिहान, ता पे चढ़ बैठा गुदगुदिया मसान 

उत्तर – चूल्हे पर तवा, तवे पर रोटी


मिला रहे तो नर रहे, अलग होय तो नार, सोने का सा रंग है, कर लो चतुर विचार

उत्तर- चना


मीठी-मीठी बात बनावे, ऐसा पुरुष वह किसको भावे, बूढा बाला जो कोई आए, उसके आगे सीस नवाए।

 उत्तर- नाई


मैं हरी, मेरे बच्चे काले, मुझे छोड़ मेरे बच्चे खा ले

उत्तर – इलायची


मोटा पतला सब को भावे, दो मीठों का नाम धरावे

 उत्तर- शक्करकंद


राजा रानी सुनो कहानी, एक घड़े में दो रंग का पानी

 उत्तर – अंडा


रात समय एक सूहा आया, फूलों-पातों सबको भाया, आग दिए वह होय रूख, पानी दिए वह जाए सूख

 उत्तर- अनार आतिशबाजी


राम की बैन भरत की सारी, भयो न ब्याह रही न क्वारी

 उत्तर – अयोध्या की गद्दी


लाला जी के पेट में ललाइन नाचें

उत्तर – ताला चाबी


लोहे की हैं दो तलवारें, खूब लड़ें पर साथ रहें

उत्तर – कैंची


वर मांगन वर पे गई वर पायो तत्काल, वर पाकर बेवर हुई पंडित करो विचार

उत्तर – कैकेयी


श्याम बरन औ पीला टीका, मुरलीधर ना होए, बिन मुरली वह नाद करत है, बिरला बूझे कोय

उत्तर- भौंरा


सफेद मुर्गी, हरी पूँछ, तुझे ना आए तो काले से पूछ

 उत्तर – मूली


सब कोई चले गए, बुढ़ऊ लटक गए

उत्तर – ताला


सर पर आग बदन में पानी, चढ़ चौकी पर बैठी रानी

 उत्तर – हुक्का


सर पर जाली, पेट है खाली, पसली देख एक-एक निराली

उत्तर- मोढ़ा, मूढा


सात गांठ की रस्सी, गांठ गांठ में रस, इसका उत्तर जो बतलाए, रूपए मिलेंगे दस

उत्तर – जलेबी


सामने आय, कर दे दो, मारा जाय, न जख्मी हो, अर्थ जो उसका बुझेगा, मुँह देखो तो सूझेगा

उत्तर- आईना


सुंदर वाकी छाँव है, औ सुंदर वाको रूप, खुला रहे औ नहिं कुम्ह्लावे, जों-जों लागे धूप

उत्तर- छाता


स्याम बरन की है एक नारी, माथे ऊपर लागै प्यारी, जो मानुस इस अरथ को खोले, कुत्ते की वह बोली बोले

 उत्तर – भौं


स्याम बरन सोने का टीका, बिन मारे ही रोए

उत्तर – भंवरा


हम माँ बेटी तुम माँ बेटी चली बाग़ को जाएँ, तीन नारंगी तोड़ कर पूरी पूरी खाएँ

उत्तर – एक महिला, एक उसकी बेटी और एक बेटी की बेटी.


हरा आटा लाल पराठा

उत्तर – मेहँदी


हरी थी मन भरी थी नौ सौ मोती जड़ी थी, राजा जी के बाग़ में दुशाला ओढ़े खड़ी थी

उत्तर – मक्का


हाथ लिए दस दस को काटे, जब बिगड़े तो पत्थर चाटे. उत्तर – नहन्ना, नहरना


है वह ऐसी सुंदर नार, नार नहीं पर वह है नार, दूर से सब को छवि दिखलावे, हाथ किसी के कबहु न आवे

उत्तर-आकाशीय बिजली


अमीर खुसरो ने कुछ ऐसी विशेष पहेलियाँ बनाई हैं जिन में पहेली में ही उत्तर छिपा होता है. इन पहेलियों का भी आनंद लीजिये –


एक नार तरवर से उतरी, सर पर वाके पांव, ऐसी नार कुनार को, मैं ना देखन जाँव

उत्तर – मैंना


एक नार तरुवर से उतरी माँ सो जनम न पायो, बाप को नाम जो वासे पुछ्यों, आधो नांव बतायो, आधौ नाव बताओ खुसरो, कौन देश की बोली, बाको नाम जो पुछ्यों मैने, अपनहिं नाम नि बोली

उत्तर- निंबोली


एक नार वह दांत दंतीली, पतली दुबली छैल छबीली, जब वा तिरियहिं लागै भूख, सूखे हरे चबावे रुख, जो बताय बाकी बलिहारी, खुसरो कहें इधर को आ री

 उत्तर- आरी


एक परखिहें  सुंदर मूरत, जो देखे वो उसी की सूरत, फिक्र पहेली पाई ना, बूझन लागा आई ना 

उत्तर—आईना


गोल मटोल और छोटा-मोटा, खडा भी लोटे पड़ा भी लोटा, बैठा तो भी कहे हैं लोटा, खुसरो कहे समझ का टोटा

उत्तर – लोटा


घूम घुमेला लहँगा पहिने, एक पाँव से रहे खड़ी, आठ हात हैं उस नारी के, सूरत उसकी लगे परी, सब कोई उसकी चाह करे है, मुसलमान हिन्दू छतरी, खुसरो ने यह कही पहेली, दिल में अपने सोच जरी

उत्तर – छतरी


चलती जल में बसती गाँव, बस्ती में ना बाका ठांव, खुसरो ने दिया बाका नांव, बूझ अरथ नहिं छोड़ों गाँव

  उत्तर- नाव


बाला था जब सबको भाया, बड़ा हुआ कुछ काम न आया, खुसरो कह दिया उसका नाँव, अर्थ कहो नहीं छोड़ो गाँव 

उत्तर – दिया


बीसों का सर काट लिया, ना मारा ना ख़ून किया 

उत्तर- नाखून


वन में काटा, वन में छांटा, वन में हुआ श्रृंगार, एक बार जल में उतरी, फिर न देखा घर बार

उत्तर – नौका


श्याम बरन और दाँत अनेक, लचकत जैसे नारी, दोनों हाथ से खुसरो खींचे और कहे तू आ री

उत्तर – आरी


सावन भादों खूब चलत है, माघ पूस में थोरी, अमीर खुसरो यूँ कहें, तू बूझ पहेली मोरी    

उत्तर- मोरी (नाली)


हरी-हरी मछली के हरे-हरे अंडे, जल्दी से बताओ नहीं तो पड़ेंगे डंडे 

उत्तर – मटर


हाड़ की देही ऊजल रंग, लिपटा रहे नारी के संग, चोरी की ना खून किया, वाका सर क्यों काट लिया 

उत्तर – नाखून


हाथ से टूटी, धूप में पड़ी, सूख साख के हुई बड़ी

उत्तर- बड़ी
 
अमीर खुसरो की कुछ विशेष पहेलियाँ जिसमे दो लोग एक जैसी बातें करते हैं!!

घोडा अडा क्यों? पान सडा क्यों ? – गुरु जी फेरा न था
मुसाफिर प्यासा क्यों? गदहा उदास क्यों ? – गुरु जी लोटा न था


गाड़ी खड़ी उजाड़ में, कांटो लागे पाँय, गोरी सूखे सेज में, कह चेला किन दाए – गुरुजी जोड़ी न थी.



अमीर खुसरो की कुछ विशेष पहेलियाँ ऐसी होती हैं जिन में नायिका किसी चीज का वर्णन इस प्रकार करती है जैसे :- 


अपने पति के बारे में बात कर रही हो. जब उस की सहेली पूछती है – क्यों सखि साजन? तो वह कहती है – नहिं सखि फलाँ चीज़. इन पहेलियों को मुकरियाँ कहते हैं. जैसे –


रंग और रस का फाग मचाया, आप भिजे औ मोहि भिजाया,
वाको कौन न चाहे नेह, ऐ सखी साजन ना सखी मेह.
नीला कंठ और पहिरे हरा, सीस मुकुट नीचे वह खड़ा,
देखत घटा अलापे जोर, ऐ सखी साजन न सखी मोर.
धमक चढ़े सुध-बुध बिसरावै, दाबे जांघ बहुत सुख पावै,
अति बलवंत दिनन को थोड़ा, ऐ सखी साजन न सखी घोड़ा.
टट्टी तोड़ के घर में आया, अरतन-बर्तन सब सरकाया,
खा गया पी गया दे गया बुत्ता, ऐ सखी साजन ऐ सखी कुत्ता.
सेज पड़ी मेरी आँखों आया, नींद मेंहि मोहि मजा दिखाया,
किससे कहूँ मजा मैं अपना, ऐ सखी साजन ना सखी सपना.
सगरी रैन मोहे संग जागा, भोर भई तब बिछुड़न लागा,
वाके बिछुड़त फाटे हिया, ऐ सखी साजन ना सखी दिया.
शोभा सदा बढ़ावन हारा, आँखिन से छिन होत न न्यारा,
आठ पहर मेरो मनरंजन, ऐ सखी साजन ना सखी अंजन.
बरसा-बरस वह देस में आवे, मुँह से लगा मुहँ रस को पियावे,
वा खातिर मैं खरचे दाम, ऐ सखी साजन? न सखी आम.
वाको रगड़ा नीको लागे, चढ़ जोबन पर मजा दिखावे,
उतरत मुँह का फीका रंग, ऐ सखी साजन ना सखी भंग.
वा बिन मोको चैन न आवे, वह मेरी तिस आन बुझावे,
है वह सब गुण बारहबानी, ऐ सखी साजन ना सखी पानी.
जब माँगू तब जल भरि लावे, मेरे मन की तपन बुझावे,
मन का भारी तन का छोटा, ऐ सखि साजन? ना सखि लोटा.
मुख मेरा चूमत दिन रात, होंठो लगत कहत नहीं बात,
जासे मेरी जगत में पत, ऐ सखि साजन ना सखि नथ.
रात समय घर मेरे आवे, भोर भये वह घर उठि जावे,
यह अचरज है सबसे न्यारा, ऐ सखि साजन? ना सखि तारा.
नंगे पाँव फिरन नहिं देत, पाँव से मिट्टी लगन न देत,
पाँव का चूमा लेत निपूता, ऐ सखि साजन? ना सखि जूता.
ऊंची अटारी पलंग बिछायो, मैं सोई मेरे सिर पर आयो,
खुल गई अंखियां भयो आनंदा, ऐ सखि साजन? ना सखि चंदा.
वो आवै तो शादी होय, उस बिन दूजा और न कोय,
मीठे लागें वा के बोल, ऐ सखि साजन? ना सखि ढोल.
बेर-बेर सोवतहिं जगावे, ना जागूँ तो काटे खावे,
व्याकुल हुई मैं हक्की बक्की, ऐ सखि साजन? ना सखि मक्खी.
अति सुरंग है रंग रंगीलो, है गुणवंत बहुत चटकीलो,
राम भजन बिन कभी न सोता, ऐ सखि साजन? ना सखि तोता.
आप हिले और मोहे हिलाए, वा का हिलना मोए मन भाए,
हिल हिल के वो हुआ निसंखा, ऐ सखि साजन? ना सखि पंखा.
देखन में वह गाँठ-गठीला, चाखन में वह अधिक रसीला,
मुख चूमू तो रस का भाँडा, ऐ सखी साजन न सखी गांडा.
दुर दुर करूँ तो भागा जाए, छन बाहर छन आँगन आये,
देहली छोड़ कहीं नहीं सुत्ता, ऐ सखी साजन ना सखी कुत्ता.
मेरे घर में दीनी सेंध, लुढ़कत आवे जैसे गेंद,
वाके आए पड़त है सोर, ऐ सखी साजन ना सखी चोर.
जोर जोर ताकत दिखलावे, हुमुकि हुमकि मो पे चढ़ि आवे,
पाँव पेट में दे दे मारा, ऐ सखी साजन ना सखी जाड़ा.
लौंडी भेज उसे बुलवाया, नंगी होकर बदन लगाया,
हमसे उससे हो गया मेल, ऐ सखी साजन ना सखी तेल.
कसके छाती पकडे रहे, मुँह से बोले न बात कहे,
ऐसा है कमिनी का रंगिया, ऐ सखी साजन ना सखी अँगिया.
आँख चलावे भौं मटकावे, नाच-कूद के खेल दिखावे,
मन में आवे ले जाऊं अन्दर, ऐ सखी साजन ना सखी बन्दर.
बन-ठन के सिंगार करे, धर मुँह पर मुँह प्यार करे,
प्यार से मो पै देत है जान, ऐ सखी साजन ना सखी पान.
वा बिन मोको चैन न आवे, वह मेरी तिस आन बुझावे,
है वह सब गुण बारहबानी, ऐ सखी साजन ना सखी पानी.
अति सुंदर जग चाहे जाको, मैं भी देख भुलानी वाको,
देख रूप माया जो टोना, ऐ सखी साजन ना सखी सोना.
राह चलत मोरा अंचरा गहे, मेरी सुने न अपनी कहे,
ना कुछ मोसे झगडा- टांटा, ऐ सखी साजन ना सखी कांटा.
उमड़-घुमड़ कर वह जो आया, अन्दर मैने पलंग बिछाया,
मेरा वाका लागा नेह, ऐ सखि साजन ना सखि मेह.
हिलत-झूमत वो नीको लागै, अपने ऊपर मोहि चढ़ावै,
मैं वाकी वह मेरा साथी, ऐ सखी साजन ना सखी हाथी.
जीवन सब जग जासौ कहै, वा बिनु नेक न धीरज रहै,
हरै छिनक में हिय की पीर, ऐ सखी साजन ना सखी नीर.


अपनी यादों की पिटारी से कुछ ऐसी पहेलियाँ भी लेकर आया हू, ये वो पहेलियाँ है ....जब आज भी मैं याद करता हूँ तो....ऐसा लगता है जैसे....हम बच्चे नानी के पास बैठे..... मैं बताऊँ...मैं बताऊँ... का शोर मचा रहे हों .... और नानी कहती हो....' अरे भई....जरा दम तो लो .....पहले पहेली कहने तो दो' और पहेलियों के सवाल जवाब का सिलसिला आगे बढ़ता चला जाता है और उनके पास बैठे सभी बच्चे और बड़े इसका आनंद उठाते हैं, और सच में दादी की कहानियों के जैसे ही उनकी पहेलियां भी बहुत ही मजेदार होती थी ||

कुछ पहेलियों के उतर आप comment में बताएं :-


1. तीन अ‌क्षर का देस हूँ

     जानते लोग लाख करोड़

     पीठ काटो बन जाऊँ

     पाँच उँगली का जोड़...................... (पंजाब)

                        

2. वो चीज़ जो गीता में नहीं......................... ( झूठ)


3. वो गई , ये आई....................................(नज़र)  


4. आई थी, मगर देखी नहीं.....................(मौत/ नींद)


5. धूप में पैदा हुआ

      छाया मिली , मुरझा गया.......................(पसीना) 

            

6. तीतर के दो आगे तीतर

     तीतर के दो पीछे तीतर

    बोलो कितने तीतर........................... (तीन)

                   

 7. वो चीज़ कौन सी

    जिसका है आकार

    मगर नहीं है भार ............................ (अक्षर) 


8. एक कटोरी में

   दो रंग का पानी (अंडा)

            

9. जिसने खरीदा 

   उस ने नहीं किया प्रयोग

   जिस ने किया प्रयोग

   उस देखा नहीं ........................... (कफ़न)

                

10. मैं गोल-गोल

    मैं पीला-पीला

   दूसरे की थाली में

  मैं लगता बड़ा ........................... (लड्डू)

              

 11. एक चीज़ है ऐसी

    देखे चोर....

   मगर चुरा न सके ........................ (विद्या - ज्ञान) 

                                            

 12. हम माँ बेटी

    तुम माँ बेटी

   चलो बाग में चलें

  तीन आम तोड़ कर

   पूरा-पूरा खाएँ .......................(नानी, माँ और बेटी)

               

13 .सफेद धरती काले छोले

    हाथों बोएँ, मुँह से बोलें           

   ........................ (कॉपी पर लिखे गये....' अक्षर')


14 . ऐसा बताओ कौन शैतान

     नाक पर बैठे पकड़े कान  ...................( ऐनक) 

                          

15. स्थिर है मगर

     दिन रात चले...............................(सड़क)


16. बिन हाथों के

     बिन पैरों के

    घूमें इधर- उधर.......................... (अख़बार)


 17 . जैसे जैसे मुझे तलाशो

      दिल की अड़चन खोलो

     प्यार मेरे से पायोगे

     रुह की भूख मिटाओगे........................ (किताब)

                            

18. छोटा सा सिपाही

       उस की वरदी

      खींच कर उतारी.............................. ( केला)    


19. एक चीज़ आई ऐसी

     सुबह चार टांगों पर

     दुपहर को दो पर

     शाम को तीन पर 

          .....................(बचपन...जवां...और बुढ़ापा)


 20. जिस के लगे

       उस को मारे

     है वो हत्यारा

     न वो फाँसी लगे

    न जाए जेल

    लगता सब को प्यारा .............................. (चाकू)

                

21. छोटी जी पिद्दणी,

          पिद्द पिद्द कर दी ।

          सारे बज़ार दी,

         लिद कट्ठी कर दी॥........................... ( झाड़ू )

                                    

22. हरी सी

            भरी सी

            राजे दे

           दरबार विच्च

           दुपट्टा पा के

            खड़ी सी। ..................... (मकई का भुट्टा)   

                             

23. आ से

          ओ से!......................... (नज़र)


24 . उत्ते मैँ हरी सी

        हेठ लाल हां

        अमीर ते गरीब 

        सब दे नाळ हां। ..................... (हरी मिर्च) 

                                  

25.   देखो मेरा कमाल
        लाओ तां हरी
      ल्हाओ तां लाल ।........................(मेहँदी)        



26          वेखो मेरी तक़दीर।
             मेरे टिढ जन्मों लकीर।
                     (कणक का दाना)
                  


27.       बारां जुवाक
           ती पौते
           प्यो दा नां
          दस खोते !
            .............................( साल, महीना, दिन)


          .
28.   पिच्छों खांवां
         अग्गों कढां ।
29.    32 फौजी
        कल्ली नार
        कर दी वार
       नां मन्ने हार।
           ..................................(जीभ और दाँत)




30.  दुम्म से
       पानी पी कर
      मुख से
      आग उगलती हूं!
 
31.  खड़ी भी चलती
     पड़ी भी चलती
    जड़ी भी चलती
     बंधी भी चलती
    बिन पग भी चलती।
 
32. पहले मैं खाता
      फिर
     सब को खिलाता!
 
33.  ऊगता हूं
      बढ़ता हूं
      पर
     लगता नहीँ पत्ता।
 
34. नाक पर बैठता
     कान पकड़ता।...................... (ऐनक)



35. गोभी मटर
    टमाटर प्याज
    सब संग यारी
    अपने जैसी
    कौन तरकारी?
..................हरदीप कौर संधु


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16 August 2023

दादी की पहेलियां, (grandma's riddles)

 आज  मैं अपनी यादों की पिटारी से कुछ पहेलियाँ ले कर आया हू, ये वो पहेलियाँ है ....जब आज भी मैं याद करता हूँ तो....ऐसा लगता है जैसे....हम बच्चे दादी के पास बैठे..... मैं बताऊँ...मैं बताऊँ... का शोर मचा रहे हों .... और दादी कहती हो....' अरे भई....जरा दम तो लो .....पहले पहेली कहने तो दो' और पहेलियों के सवाल जवाब का सिलसिला आगे बढ़ता चला जाता है और उनके पास बैठे सभी बच्चे और बड़े इसका आनंद उठाते हैं, और सच में दादी की कहानियों के जैसे ही उनकी पहेलियां भी बहुत ही मजेदार होती थी ||

 

 (1) आग लगे फूले फले, सींचत जावे सूख, मैं तोहि पूछों ऐ सखी, फूल के भीतर रुख? 

 Fire flowers and fruits, irrigation goes dry, I ask you, my friend, the tree within the flower?

दादी की पहेलियां, (grandma's riddles), दादी मां की ज्ञानवर्धक पहेलियां,


उत्तर- अनार (आतिशबाजी)


(2) आगे से वह गाँठ गठोला, पीछे से वह टेढ़ा, हाथ लगाए कहर खुदा का, बूझ पहेली मेरा ?

That knot tied in the front, it is crooked from the back, wreaked havoc with God's hand, my puzzle is understood?

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उत्तर- बिच्छू


(3) आगे-आगे बहिना आई, पीछे-पीछे भइया, दाँत निकाले बाबा आए, बुरका ओढ़े मइया ?

 Sister came ahead, brother behind behind, father came to remove his teeth, mother wore a burqa?

दादी की पहेलियां, (grandma's riddles), दादी मां की ज्ञानवर्धक पहेलियां,


उत्तर– भुट्टा

 
(4) आदि कटे से सबको पारे, मध्य कटे से सबको मारे, अन्त कटे से सबको मीठा, खुसरो वाको आँखिन दीठा |

The first bite killed everyone, the middle bite killed everyone, the end bite sweetened everyone, Khusro wako aakhin ditha.

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उत्तर – काजल


(5) आये तो अंधियारी लाए, जाए तो सब सुख ले जाए, क्या जाने वो कैसी है, जैसी दीखे वैसी है | 

If it comes, it will bring darkness, if it goes, it will take away all the happiness, who knows how it is, it is what it looks like.

दादी की पहेलियां, (grandma's riddles), दादी मां की ज्ञानवर्धक पहेलियां,


उत्तर – आँख


(6) ईचक दाना बीचक दाना, दाने ऊपर दाना, छज्जे ऊपर मोर नाचे, लड़का है दीवाना |

Ichk dana beechak dana, dana up dana, peacock dances on the balcony, the boy is crazy.

दादी की पहेलियां, (grandma's riddles), दादी मां की ज्ञानवर्धक पहेलियां,


उत्तर – अनार


(7) उज्जवल बरन अधीन तन, एक चित्त दो ध्यान, देखत मैं तो साधु है, निरे कपट की खान |

 Ujjwal Baran submissive body, focus on one mind, see I am a saint, a mine of sheer hypocrisy.

दादी की पहेलियां, (grandma's riddles), दादी मां की ज्ञानवर्धक पहेलियां,


उत्तर- बगुला
 

(8) ऊपर से तो एक रंग है, भीतर चित्तीदार, उसके बिना रुचे नहिं पान, जो बूझे सो चतुर सुजान |

 There is one color on the outside, spotted inside, without that the paan is not interesting, the one who understands is the clever Sujan.

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उत्तर– सुपारी


(9) एक कहानी मैं कही कहूँ, तू सुन ले मेरे पूत, बिना परों वह उड़ गया, बाँध गले में सूत !

Should I tell a story somewhere, you listen my son, he flew away without wings, tied a thread around his neck.

दादी की पहेलियां, (grandma's riddles), दादी मां की ज्ञानवर्धक पहेलियां,


उत्तर- पतंग


(10) एक किले में चालिस चोर, फाटक खोला निकला चोर, सर मसल दिया मर गया चोर !

Forty thieves in a fort, the gate was opened and the thief came out, the thief got crushed and died!

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उत्तर – माचिस की डिब्बी

 

(11)  इधर खूँटा, उधर खूँटा, गाय मरखनी दूध मीठा |

A peg here, a peg there, Cow's markhani milk sweet.

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उत्तर – सिंघाड़ा

 

12. एक किले में नौ दस परी, सब की सब मुंह बांधे खड़ीं |

 Nine ten fairies in a fort, all of them stood with closed mouths.

 

उत्तर – संतरे की फांकें


13. एक गुनी ने ये गुण कीन्हा हरियाला पिंजरे में दीन्हा, देखो जादूगर का हाल, डाले हरा निकाले लाल|

 A virtuous person acquired these qualities and put them in a green cage, look at the condition of the magician, put green and take out red.

 उत्तर – पान

 

14. एक गुफा के दो रखवाले, दोनों लम्बे दोनों काले |

 Two keepers of a cave, both tall, both black. 

 उत्तर – मूंछें


15. एक जगह पर ऐसो पानी, हाथी खड़ा नहाए, पीपल पेड़ फुनग तक भीगे, बैल पियासो जाए |

 Such water at one place, elephants bathe while standing, Peepal trees get drenched till the top, bulls go thirsty.

 उत्तर - ओस


16. एक तमाशा हमने देखा मुर्दा आटा खाए, बोलो तो बोले नहीं मारो तो चिल्लाए |

We have seen a spectacle where a dead man eats flour.


 उत्तर – ढोल


17. एक तरुवर का फल है तर, पहले नारी पीछे नर, वा फल की यह देखो चाल, बाहर खाल औ भीतर बाल

The fruit of a tree is water, first the female followed by the male, or look at the movement of the fruit, skin outside and hair inside.

 

उत्तर - भुट्टा


18. एक तिरिया जो शोर मचाए, जिस पे थूके वो मर जाए, ऐसा उसका अजब चरित्तर, उसको मारें आंख सभी नर |

 A tiriya who makes noise, on whom he spits, he dies, such is his strange character, all men should kill him.

 

उत्तर – बंदूक


19. एक थाल मोतियों भरा, सबके सिर पर औंधा धरा, चारों ओर वह थाली फिरे, मोती उससे एक न गिरे | 

 A plate full of pearls, put it upside down on everyone's head, let that plate go around, not a single pearl should fall from it.

 

उत्तर – आकाश


20. एक नार कुँए में रहे, वाका नीर खेत में बहे, जो कोई वाके नीर को चाखे, फिर जीवन की आस न राखे

A man stays in the well, while water flows in the field, whosoever tastes the water, then there is no hope of life.

 

उत्तर– तलवार



21. एक नार चातुर कहलावे, मुरख को ना पास बुलावे, चतुर मरद जो हाथ लगावे, खोल सतर वह आप दिखावे। 

 A man should be called clever, do not invite a fool near, whoever touches a clever man, you should show him openly.

 

उत्तर- पुस्तक

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14 August 2023

बुद्धिमान पहेली, (Mind puzzle)

 हेलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ मजेदार पहेलियां जिन्हें हल जाने में आपको शायद बहुत मजा आए, क्योंकि हो सकता है इन पहेलियों के उत्तर आपको पहले से पता हो, और हां दोस्तों कई बार एक पहेली के एक से ज्यादा  Answers हों सकते है इसलिए ज्यादा confuse न हों, तो आइए देखते हैं आप इनमें से कितने के उत्तर जानते हैं कमेंट में जरूर बताना......

वैसे अगर आप अपने दिमाग को मजबूत बनाना चाहते हैं तो पहेलियां आपकी मदद कर सकती हैं | क्योंकि एक शोध में पाया गया है कि पहेली सुलझाने से दिमागी  क्षमता  दुगनी तेजी से बढ़ता है | और हमारी यह पहेलियां आपके दिमाग की अच्छी कसरत करवाएंगे, आप हमारी वेबसाइट makelifefun.in पर जा कर हर केटेगरी की पहेली का मजा ले सकते हैं ||

 


1.  वो क्या है जिसे हम खा नहीं सकते और पी नहीं सकते फिर भी उसके बिना जी नहीं सकते बताओ क्या?

What is that which we cannot eat and drink but still cannot live without it? 

 

2. वह क्या है जिसे बनाने वाला उसका उपयोग नहीं करता उपयोग करने वाला उसे देख नहीं पता और देखने वाला उसे पसंद नहीं करता बताओ क्या?

What is that which the maker does not use, the user does not see it, and the one who sees it does not like it?


3.  मैं आपसे एक प्रश्न पूछूं बताओ उत्तर क्या है?

 let me ask you a question tell me what is the answer?

 

4.  एक औरत के 9 बच्चे हैं टोटल में से आधे लड़के और आधे लड़कियां हैं तो बताओ यह कैसे संभव है?

 A lady has 9 children out of total half are boys and half are girls then tell how it is possible.

 

5.  ऐसा कौन सा वाहन है जिसका नाम उल्टा लिखें या सीधा एक समान ही रहता है बताओ क्या?

Which is the vehicle whose name is written upside down or remains the same directly, tell me what 3. 


6.  ऐसी कौन सी चीज है जो ऊपर की तरफ जाती है ओर नीचे की तरफ जाती है फिर भी वह अपनी जगह से बिल्कुल नहीं हिलती बताओ क्या है वह?

 What is that thing which goes up and down and yet it does not move at all from its place, tell me what is it?

 

7.  वो क्या है जो सुबह को चार पैरों पर दोपहर को दो पैरों पर और शाम को तीन पैरों पर चलती है?

 What is that which walks on four legs in the morning, on two legs in the afternoon and on three legs in the evening 2.

 

8.  ना कभी आता ना कभी जाता इसके भरोसा जो रहता वह सदा पछताता बताओ क्या?

 Never comes, never goes, the one who trusts him always regrets, tell me what.


9.  एक औरत के दो बालक दोनों एक ही रंग पहला चले दूसरा सोए फिर भी दोनों संग बताओ क्या?

 A woman has two children, both of the same color, the first one goes, the second one sleeps, but tell me what?

 

10. ऐसा कोन सा पेड़ है जिस पर हम चढ़ नहीं सकते ?

Which is the tree on which we cannot climb?


Answer :- 

1.  हवा

2.  कफन

3.  उत्तर एक दिशा है

4.  इस सवाल में टोटल में से पूछा गया है जिसमें उसकी मां भी शामिल है इसका मतलब है पांच लड़की और 5 लड़के 10 हो गए ना

5.  जहाज 

6.  घर की सीढ़ी 

7.  बचपन, जवानी और बुढ़ापा 

8.  आने वाला कल

9.  चक्की 

10.  केले का पेड़

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12 August 2023

बच्चों वाली 10 मजेदार पहेलियां, (10 Funny Riddles for Kids Funny Riddles)

 

हेलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ मजेदार पहेलियां जिन्हें हल जाने में आपको शायद बहुत मजा आए, क्योंकि हो सकता है इन पहेलियों के उत्तर आपको पहले से पता हो, और हां दोस्तों कई बार एक पहेली के एक से ज्यादा  Answers हों सकते है इसलिए ज्यादा confuse न हों, तो आइए देखते हैं आप इनमें से कितने के उत्तर जानते हैं कमेंट में जरूर बताना......

वैसे अगर आप अपने दिमाग को मजबूत बनाना चाहते हैं तो पहेलियां आपकी मदद कर सकती हैं | क्योंकि एक शोध में पाया गया है कि पहेली सुलझाने से दिमागी  क्षमता  दुगनी तेजी से बढ़ता है | और हमारी यह पहेलियां आपके दिमाग की अच्छी कसरत करवाएंगे, आप हमारी वेबसाइट makelifefun.in पर जा कर हर केटेगरी की पहेली का मजा ले सकते हैं ||

 

(1) यदि एक मुर्गा ने भारत और चीन के बॉर्डर के बीच में एक अंडा दिया तो व अंडा किस देश का होगा |

If a rooster lays an egg between the border of India and China, then the egg will belong to which country?

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(2) खुद कभी वह  कुछ ना खाएं, लेकिन सबको खूब खिलाए, बताओ क्या ?

 He never eats anything himself, but feeds everyone a lot, tell me what?

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(3) एक है भैया ऐसी गाय जितना दो उतना ही खाए खाते-खाते वह गाना गाए पेट नहीं उसका भर पाऐ बताओ क्या ?

 Brother, there is such a cow, the more you give it, the more it eats; it sings a song while eating;

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(4) झगरू के पिता के तीन लड़के एक का नाम मगरू एक का नाम डगरू तो बताओ तीसरे लड़का का नाम क्या था

Jhagru's father had three sons, one's name was Magru, one's name was Dagru, so tell me what was the name of the third boy.

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(5)  वो क्या है जिसमें फसना आसान ह, लेकिन निकलना आसान नहीं है बताओ, वो क्या है ?

 What is that in which it is easy to get trapped, but it is not easy to get out, tell me, what is that?

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(6) रात को आई थी मगर देखा नहीं, बताओ क्या ?

Came at night but did not see, tell what?

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(7) ऐसी कौन सी चीज है जो हॉस्पिटल में तो पैसा से मिलती है लेकिन बाहर में फ्री में मिलती है बताओ क्या?

 What is such a thing which is available for money in the hospital but is available outside for free, tell me what?

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(8)  ऐसी कौन सी चीज है जो कल थी लेकिन आज नहीं आज है लेकिन कल नहीं रहेगी कल जो आएगा वह परसों नहीं रहेगा बताओ क्या?

What is the thing that was yesterday but not today, is today but will not be there tomorrow, what will come tomorrow will not be there the day after tomorrow, tell me what? 

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 (9) दुश्मन के आना बुरा, जाना भला, जनाब लेकिन ऐसा क्या है जिसका आना-जाना दोनों खराब बताओ क्या ?

Enemy's coming is bad, leaving is good, sir, but what is it whose coming and going is bad, tell me what?

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 (10)  बिन कान के सुनने वाला नीचे गोरा और ऊपर काला बताओ क्या?

 The one who hears without ears is fair below and black above, tell what?

बच्चों वाली 10 मजेदार पहेलियां, मजेदार पहेलियां, दिलचस्प पहेली, पहेली हिंदी में, दिमागी पहेली ||


पहेलियों के उत्तर :-

1.  किसी का नहीं, क्योंकि मुर्गा अंडा नहीं देता !

2.  थाली 

3.  आटा चक्की

4.  झगरू, क्योंकि वह झगरू के ही पिता थे ना !

5. मुसीबत

6.  नींद 

7.  ऑक्सीजन

8. Date, तारीख

9.  आंख 

10.  साप ||

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